लखनऊ : उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में धांधली का बड़ा खुलासा हुआ है। यूपी एसटीएफ की जांच में परीक्षा में फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर अभ्यर्थियों से अवैध धन वसूली का मामला सामने आया। इस गंभीर आरोप के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द करने का आदेश दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा अप्रैल 2025 में सहायक आचार्य पद के लिए आयोजित परीक्षा में अनियमितताएं हुईं। मामला गंभीर होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी गोपनीय जांच के आदेश दिए।
एसटीएफ ने 20 अप्रैल 2025 को इस मामले में तीन आरोपियों महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार किया। महबूब अली आयोग की पूर्व अध्यक्ष का गोपनीय सहायक था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विषयों के प्रश्न पत्र निकालकर अभ्यर्थियों को पैसे लेकर उपलब्ध कराए। इसकी पुष्टि एसटीएफ की गहन जांच और डेटा एनालिसिस से हुई।
जांच में यह भी पता चला कि कुछ अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबरों के आधार पर अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए। इसके बाद आयोग को पत्र लिखकर संदिग्ध अभ्यर्थियों का डेटा मांगा गया। इस खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने परीक्षा रद्द करने का आदेश दिया है। यूपी एसटीएफ और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है और जांच पूरी होने के बाद और भी आरोपियों के नाम सामने आने की संभावना है। इस फैसले के साथ ही अभ्यर्थियों और शिक्षाविदों में इस परीक्षा को लेकर गंभीर चिंता और सवाल उठ रहे हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त नियम लागू होंगे।
