बरेली/शाहजहांपुर : बीते साल 26 सितंबर को बरेली में हुए बवाल से खुद को पूरी तरह अलग रखने वाले आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा के बेटे फरमान रज़ा ख़ान अब एक अलग ही वजह से सुर्खियों में हैं। ऑस्ट्रेलिया से एमबीए की पढ़ाई कर लौटे फरमान रज़ा को क्रिस्टल मेथ ड्रग्स के मामले में शाहजहांपुर पुलिस ने हिरासत में लिया है। यह पहला मौका है जब फरमान का नाम किसी आपराधिक मामले में सामने आया है।
हाईवे हादसे के बाद खुला मामला
पुलिस और प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात फरमान रज़ा अपनी कार से बरेली की ओर आ रहे थे। इसी दौरान शाहजहांपुर के तिलहर थाना क्षेत्र में लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर उनकी कार एक खड़ी बस से टकरा गई। टक्कर के बाद फरमान कार में फंस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया। प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
संदिग्ध व्यवहार से हुआ खुलासा
हादसे के बाद फरमान का व्यवहार पुलिस को संदिग्ध लगा। जब पुलिस ने कार की डिक्की खोलने को कहा, तो फरमान लगातार बहाने बनाते रहे। सख्ती के बाद जब डिक्की खोली गई तो बैग में रखी पुड़िया से आधा ग्राम क्रिस्टल मेथ ड्रग्स बरामद हुई।
पूछताछ में नशे की लत स्वीकार
शाहजहांपुर के एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे अरुण के अनुसार, पूछताछ में फरमान रज़ा ने स्वीकार किया कि उसने दिल्ली से एक ग्राम क्रिस्टल ड्रग्स खरीदी थी, जिसमें से आधा ग्राम वह पहले ही इस्तेमाल कर चुका था। इसके बाद देर रात तिलहर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और मेडिकल जांच भी कराई गई।
कॉलेज शिक्षा, विदेश से MBA और अलग जीवनशैली
बताया जा रहा है कि फरमान रज़ा मौलाना तौकीर रज़ा का इकलौता बेटा है। उसकी शुरुआती पढ़ाई कॉन्वेंट स्कूलों में हुई। वह दीनी या मदरसा तालीम से दूर रहा। उच्च शिक्षा के लिए उसे ऑस्ट्रेलिया भेजा गया, जहां से वह एमबीए की डिग्री लेकर भारत लौटा। पुलिस के मुताबिक फरमान को महंगी गाड़ियों का शौक था, दोस्तों के साथ घूमना और नशे की आदत-इन बातों को उसने खुद स्वीकार किया है।
जमानत पर रिहाई, जांच जारी
डीआईजी अजय कुमार सहनी ने मीडिया को बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन बरामद ड्रग्स की मात्रा कम होने और इसमें सजा एक साल से कम होने के कारण कानूनी प्रक्रिया के तहत फरमान को जमानत पर छोड़ दिया गया है।हालांकि, पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि ड्रग्स की सप्लाई कहां से हो रही थी और नेटवर्क कितना बड़ा है।
कानूनी और सामाजिक बहस तेज
पिछले साल के बरेली बवाल से खुद को दूर रखने वाला फरमान अब ड्रग्स मामले में फंसने के बाद कानूनी और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गया है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से जारी है और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। फिलहाल पुलिस ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
