आगरा : थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र स्थित एसएन स्टे गेस्ट हाउस में जेल से छूटे आरोपी राज चौहान की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों आशु तिवारी और मोहित पंडित को गिरफ्तार कर लिया। ट्रांस यमुना और डौकी थाना क्षेत्रों में हुई मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं इस दौरान तीन आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी, विष्णु पंडित और आकाश प्रजापति मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए थे, हालांकि पुलिस ने देर रात घेराबंदी कर मुख्य आरोपी अरबाज खान को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद तमंचे की बरामदगी के लिए ले जाते समय टेड़ी बगिया क्षेत्र में कांशीराम आवास के पास आरोपी अरबाज खान ने अचानक उपनिरीक्षक की सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में आरक्षी मनोज कुमार और उपनिरीक्षक ऋषि घायल हो गए, जबकि थाना प्रभारी ट्रांस यमुना हरेन्द्र गुर्जर और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप के बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरबाज खान को छाती और दाहिने पैर में गोली लगी। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मियों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।
यह हत्याकांड 23 जनवरी को हुआ था। ट्रांस यमुना इलाके के जलेसर मार्ग पर स्थित एसएन स्टे गेस्ट हाउस में सादाबाद के गांव बेदई निवासी राज चौहान की सात गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। राज चौहान दो दिसंबर को ही जेल से जमानत पर छूटकर आया था और उसने जेल से बाहर आने के बाद जुलूस भी निकाला था। पुलिस जांच में सामने आया था कि वह इलाके में दबंगई दिखा रहा था और जुए व लूटपाट जैसी घटनाओं में शामिल था। क्षेत्र के रंगबाजों से उसकी पुरानी रंजिश चल रही थी।

हत्या से तीन दिन पहले एक गुट ने एलान किया था कि “जो जिंदा रहेगा, वही राज करेगा।” इसके बाद ही इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों को चिह्नित किया। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल पांच बदमाशों को चिन्हित किया गया था, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था और चार पुलिस टीमें उनकी तलाश में लगी थीं।
पुलिस ने सबसे पहले रात करीब एक बजे खत्ता घर के पास बाइक से जा रहे मोहित पंडित को पकड़ा। पुलिस को देखते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी, जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। इसके बाद डौकी थाना क्षेत्र में आशु तिवारी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि यह हत्या वर्चस्व की लड़ाई में की गई थी। यमुनापार इलाके के 34 से अधिक दबंगों की सूची तैयार की गई है, जिनके खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
