बिहार। महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज है। सभी घटक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, लेकिन अभी तक सीटों का अंतिम बंटवारा नहीं हो पाया है। मुकेश सहनी ने पहले ही कहा था कि महागठबंधन में सबकुछ ठीक है, लेकिन वह अब भी डिप्टी सीएम का पद चाहते हैं।
इसी बीच, तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि कहीं कोई समस्या नहीं है और सब ठीक है। उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटे में सभी बातें साफ हो जाएंगी।
आज राजस्थान के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत पोलो रोड स्थित अपने आवास से तेजस्वी यादव से मुलाकात करने पहुंचे। उनके साथ बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी थे। तेजस्वी यादव ने करीब 54 मिनट तक दोनों नेताओं से बातचीत की। इसके बाद अशोक गहलोत और कृष्णा अल्लावरु लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी से मिलने राबड़ी आवास पहुंचे।
सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात मुख्य रूप से सीट बंटवारे के मुद्दे पर थी। कांग्रेस ने कुल 61 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। हालाँकि, लालगंज सीट से आदित्य राजा ने अपना नामांकन वापस ले लिया। अब बचे हुए 60 में से 10 सीटों (वारसिलीगंज, नरकटियागंज, कहलगांव, सुल्तानगंज, वैशाली, सिकंदरा, बछवाड़ा, बिहारशरीफ, करगहर और राजापाकड़) पर कांग्रेस के सामने राजद, सीपीआई और वीआईपी के उम्मीदवार हैं।
इनमें छह सीटों — वारसिलीगंज, नरकटियागंज, कहलगांव, सुल्तानगंज, वैशाली और सिकंदरा — पर राजद के उम्मीदवार कांग्रेस को चुनौती दे रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने तेजस्वी यादव से इन सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की गुहार लगाई, लेकिन फिलहाल बात नहीं बनी।
अशोक गहलोत की तेजस्वी यादव से मुलाकात का मकसद यही रहा कि बचे हुए सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों की स्थिति पर चर्चा हो और चुनाव प्रचार की रणनीति तय की जा सके। सूत्रों का कहना है कि आज शाम तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि क्या तेजस्वी यादव ने अशोक गहलोत की बात मानकर अपने उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने का निर्देश दिया है या नहीं, क्योंकि आज नाम वापसी का अंतिम दिन है।
