लखनऊ। जमघट पर्व पर सुबह से ही लखनऊ की छतों और खाली मैदानों में पतंगबाजी का शानदार नजारा देखने को मिला। आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सज गया, जिसमें लाल, पीली, नीली और काली पतंगों ने वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। पुराने लखनऊ में बच्चे, युवाओं और बुजुर्गों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए पेंच लगाकर पतंगों का आनंद लिया।
इस साल की पतंगबाजी में राजनीतिक और वीरता प्रतीक वाले पतंगें भी खास आकर्षण का केंद्र रहीं। आसमान में ऑपरेशन सिंदूर, विंग कमांडर व्योमिका सिंह, कर्नल सोफिया कुरैशी और प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी की तस्वीर वाली पतंगें उड़ रही थीं। वहीं, कुछ पतंगों पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और अन्य नेताओं की तस्वीरें या पॉलिटिकल स्लोगन भी लिखे हुए थे।
चौक के ज्योतिबा फुले पार्क में काइट फ्लाइंग फेडरेशन की ओर से आयोजित महामुकाबले का आयोजन मुख्य आकर्षण रहा। उद्घाटन के लिए पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने खुद पतंग उड़ाई और 8 पेंच काटे। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक अपनी पत्नी नम्रता के साथ प्रतियोगिता में पहुंचे। नम्रता ने चरखी चलाकर अपनी कला दिखाई, जबकि ब्रजेश पाठक ने 5 पेंच काटकर उत्साह बढ़ाया।
लखनऊ में पतंगबाजी का इतिहास 250 साल पुराना है। नवाब आसिफ-उद-दौला के दौर से यह परंपरा लगातार विकसित होती रही है। जमघट पर्व के मौके पर पतंगबाजी न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि यह लखनऊ की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक उत्सव का प्रतीक भी है।
