संजीव मेहरोत्रा
महामंत्री
बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन
बरेली: देश में “उधार लेकर घी पीने” वाली पुरानी कहावत अब सच होती दिख रही है। मार्च 2025 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल कर्ज राशि 121 लाख करोड़ के पार पहुंच चुकी है। खास बात यह है कि पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, टू-व्हीलर और प्रॉपर्टी लोन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज हुई है। सालाना कर्ज वृद्धि दर 21% रही है। जिसमें छोटे-छोटे कर्ज (Small Ticket Loans) का योगदान भी तेजी से बढ़ा है। Experts का कहना है कि कर्ज लेने की यह प्रवृत्ति कई कारणों से बढ़ रही है कि जीवन की बुनियादी जरूरतें जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, घर खरीदना या बिज़नेस शुरू करना
बढ़ता उपभोक्तावाद और दिखावे की जीवनशैली
बैंकों एवं NBFC द्वारा आसान लोन उपलब्धता, आर्थिक अनिश्चितता और आय में कमी है। बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने चेतावनी दी कि पर्सनल और गोल्ड लोन में बढ़ते डिफॉल्टर्स की संख्या बैंकों के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। उन्होंने कहा, “अगर अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा तो स्थिति और बिगड़ सकती है, इसलिए ऋण देने वाली संस्थाओं को सतर्क रहना होगा।”
