लखनऊ : पसमांदा मुस्लिम समाज ने करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेन्द्र सिंह राणा द्वारा समाजवादी पार्टी की महिला सांसद इकरा हसन के खिलाफ की गई अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज़ जताया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीस मंसूरी ने इसे सिर्फ एक महिला सांसद का नहीं, बल्कि पूरे पसमांदा मुस्लिम तबके की आवाज़ पर हमला करार दिया है।
यह नारी गरिमा और लोकतंत्र का अपमान
अनीस मंसूरी ने कहा कि, “इकरा हसन न केवल एक सांसद हैं, बल्कि पसमांदा मुस्लिम समाज की एकमात्र महिला प्रतिनिधि हैं। उनके खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों और नारी गरिमा दोनों पर हमला है।”उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार की चुप्पी को शर्मनाक बताते हुए पूछा कि क्या इस चुप्पी के पीछे एक खास विचारधारा को संरक्षण देना है?
अखिलेश यादव को भी दी है धमकी
उन्होंने याद दिलाया कि यह पहला मौका नहीं है, जब करणी सेना और समाजवादी पार्टी के बीच तनाव बढ़ा हो। इससे पहले भी करणी सेना द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव को जान से मारने की धमकी दी जा चुकी है। “यह लोकतंत्र में डर और धमकी के ज़रिए सत्ताधारी पक्ष का विरोध दबाने की साजिश है,”।
महिला आयोग और पुलिस की चुप्पी सवालों के घेरे में
उन्होंने महिला आयोग और पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए। “अब तक कोई FIR नहीं, कोई संज्ञान नहीं, यह सिर्फ सरकार की मंशा को बेनकाब करता है कि वो इस ज़हरीली सोच को मौन सहमति दे रही है।”
पसमांदा समाज का ऐलान, शांतिपूर्ण विरोध होगा
पसमांदा समाज के अनीस मंसूरी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो देशभर में शांतिपूर्ण धरने, प्रदर्शन और लोकतांत्रिक आंदोलन किए जाएंगे। इसके साथ ही करणी सेना के अध्यक्ष से भी मांग की गई है कि वो योगेन्द्र राणा जैसे “विषैले” व्यक्ति को तत्काल संगठन से बाहर करें। “इकरा हसन पर हमला नहीं, ये पूरे वंचित समाज की आवाज़ को दबाने की कोशिश है, और हम इसका लोकतांत्रिक मुकाबला करेंगे।”
