बरेली: वर्ष 2025 में बरेली ने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। डीआईजी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियानों का असर यह रहा कि पिछले वर्षों की तुलना में अधिकांश क्षेत्रों के अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। संगठित गिरोहों, आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर पुलिस का दबाव लगातार बना रहा।
अपराधियों की निगरानी: हिस्ट्रीशीटर पर कसी नजर
अपराधियों पर नजर रखने के लिए पूरे शहर में बड़ी संख्या में हिस्ट्रीशीट खोली गईं। बरेली में 128, बदायूँ में 31, पीलीभीत में 30 और शाहजहाँपुर में 36 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट दर्ज की गई, जिससे लगातार निगरानी संभव हो सकी।
अवैध शस्त्रों के खिलाफ बड़ा अभियान
अवैध हथियारों के विरुद्ध चलाए गए अभियानों में हजारों मामलों में कार्रवाई की गई। पूरे शहर में 1734 मुकदमे दर्ज कर 1977 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 1937 अवैध शस्त्र, 2007 कारतूस और 9 अवैध शस्त्र फैक्ट्रियों का खुलासा किया गया। बरेली इस कार्रवाई में सबसे आगे रहा, जहां सबसे अधिक हथियार बरामद हुए।
नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार
मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने आक्रामक रणनीति अपनाई। कुल 425 मुकदमों में 760 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए और करीब 3527 किलो मादक पदार्थ बरामद किया गया। सबसे बड़ी कार्रवाई बरेली में हुई, जहां लगभग 2956 किलो नशीले पदार्थ जब्त किए गए।
पुलिस मुठभेड़ों में अपराधियों की कमर टूटी
वर्ष 2025 में शहर भर में 145 पुलिस मुठभेड़ हुईं। इनमें 172 अपराधी घायल हुए, 340 को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक कुख्यात अपराधी मुठभेड़ में मारा गया। बरेली में सबसे अधिक मुठभेड़ दर्ज की गईं।
इनामी और वांछित अपराधियों पर शिकंजा
पुलिस ने इनामी अपराधियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की। चारों जनपदों में घोषित इनामियों की बड़ी संख्या को गिरफ्तार किया गया। वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान में कुल 99.98 प्रतिशत तक कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
गैंगस्टर एक्ट में करोड़ों की संपत्ति जब्त
गैंगस्टर एक्ट के तहत 41 मुकदमे दर्ज कर 201 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 7.8 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई। बरेली में अकेले 5.29 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज की गई।
