नई दिल्ली : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और संभल के विधायक नवाब इकबाल महमूद ने एक बार फिर अपने बयान से राजनीतिक हलचल मचा दी है। अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य में भारतीय मूल के मुस्लिम जोहरान ममदानी के मेयर बनने पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ममदानी का विरोध करने वाले अक्ल के अंधे हैं।
पत्रकारों से बातचीत में सपा विधायक ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के तमाम विरोध के बावजूद एक प्रतिशत से भी कम मुस्लिम आबादी वाले देश में भारतीय मूल का मुस्लिम मेयर बनना फख्र की बात है। उन्होंने कहा कि जब हिंदुस्तान का बेटा अमेरिका में अपनी काबिलियत का झंडा गाड़ रहा है, तब यहां बैठे लोग उसकी नीयत और योग्यता पर शक जता रहे हैं। यह मानसिक रूप से कमजोर सोच को दर्शाता है।
इकबाल महमूद ने कहा कि भारत के मुसलमानों में कभी काबिलियत की कमी नहीं रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, वीर अब्दुल हमीद और विंग कमांडर सोफिया कुरैशी जैसे नाम हमारी काबिलियत का सबूत हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से मुसलमानों की प्रतिभा को दरकिनार करने की कोशिशें हो रही हैं, जिससे देश का ही नुकसान हो रहा है।
अपने बयान में इकबाल महमूद ने कहा कि अगर बंटवारे के समय पाकिस्तान न बना होता तो आज भारत में मुसलमान भी प्रधानमंत्री के दावेदार होते। उन्होंने कहा कि बंटवारा न होता तो मुसलमानों की आबादी हिंदुओं के बराबर होती और हालात कुछ और होते। उन्होंने इस दौरान मोहम्मद अली जिन्ना और पाकिस्तान का भी उल्लेख किया।
सपा विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में फैसला वोटर करता है, न कि नफरत। ममदानी की जीत किसी इस्लामिक राष्ट्र की शुरुआत नहीं, बल्कि भारतीय काबिलियत की जीत है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पहले भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते थे, अब कह रहे हैं कि अमेरिका मुस्लिम राष्ट्र बन जाएगा। उन्होंने कहा कि देश को नफरत नहीं, बल्कि एकता और काबिलियत की ज़रूरत है।
