नई दिल्ली : भारतीय रुपया एक बार फिर दबाव में नजर आ रहा है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया कमजोर होकर अपने रिकॉर्ड इंट्रा-डे निचले स्तर पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे टूटकर पहली बार 93 के स्तर को पार करते हुए 93.08 पर कारोबार करता दिखा। आखिर रुपये में इस गिरावट की वजह क्या है, आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में।
विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार सुबह रुपये ने कमजोर शुरुआत की। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 93.08 तक फिसल गया, जो अब तक का सबसे निचला इंट्रा-डे स्तर है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव बना हुआ है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने भी वैश्विक बाजारों की धारणा को प्रभावित किया है, जिसका असर भारतीय मुद्रा पर साफ देखा जा रहा है।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली के मुताबिक, गुड़ी पड़वा के चलते गुरुवार को विदेशी मुद्रा बाजार बंद था, लेकिन उसके बाद शुक्रवार को रुपये में कमजोरी साफ नजर आई। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक डॉलर बेचकर रुपये को और गिरने से रोकने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बाजार में दबाव अभी भी बना हुआ है।
बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई ने गुरुवार को भारी बिकवाली की। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने शुद्ध रूप से 7,558.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे शेयर बाजार पर भी दबाव बना। हालांकि शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में कुछ रिकवरी देखने को मिली और सेंसेक्स 960 अंक से ज्यादा उछलकर 75,167 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी भी 23,313 के पार कारोबार करता दिखा।
इस बीच डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाता है, 0.17 प्रतिशत बढ़कर 100.25 पर पहुंच गया। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड 1.64 प्रतिशत गिरकर 106.9 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद रुपये पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहेगी और वैश्विक अनिश्चितताएं बनी रहेंगी, तब तक रुपये पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक वैश्विक संकेतों और आरबीआई के हस्तक्षेप पर निर्भर करेगी।
