पीलीभीत : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों के विरोध में बुधवार को पीलीभीत जिले में सवर्ण समाज से जुड़े लोगों का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजसेवी हरिओम वाजपेई ने नए नियमों के खिलाफ अपना मुंडन कराकर सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने काला टीका लगाकर प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शहर के नकटादाना चौराहा पर सुबह करीब दस बजे से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। करीब साढ़े ग्यारह बजे सैकड़ों की संख्या में लोग नारेबाजी करते हुए टनकपुर हाईवे के रास्ते कलक्ट्रेट की ओर कूच कर गए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी के नए नियम वापस नहीं लिए गए तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी की निगरानी में दो थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। कलक्ट्रेट परिसर में भी अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद रहा।
इस विरोध प्रदर्शन में संयुक्त बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजीव अवस्थी, वरिष्ठ अधिवक्ता अमित पाठक, अशोक वाजपेई, सरोज वाजपेई, अश्वनी अग्निहोत्री, युवा नेता पंकज शर्मा, संजीव मिश्रा, हरिओम वाजपेई, संजीव भदौरिया, यशवंत सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। वहीं बीसलपुर में भी सवर्ण वर्ग के लोगों ने यूजीसी के नए नियमों के विरोध में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर और ग्रामीण क्षेत्र के लोग सुबह दस बजे युवा विकास मंच कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद युवा विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन पाठक के नेतृत्व में जुलूस निकालते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे।
तहसील कार्यालय में करीब एक घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने नए नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ भी नारेबाजी की। इसके बाद एसडीएम नागेंद्र पांडेय को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान मुकेश मिश्रा, रोहित तिवारी, शुभांशु सक्सेना, शिवम मिश्रा, सुधांशु मिश्रा, बलराम सिंह, अभिषेक सिंह, अनिल सिंह, मदुरेश तिवारी, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अमरपाल सिंह, कल्याण सिंह, शिवकेश शर्मा, धर्मवीर सिंह, अरुण तिवारी, अनिल मिश्रा, रवि शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।
