बरेली : यूपी के बरेली देहात के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र की नगरिया कला ग्राम पंचायत के गांव खनी नवादा के पास रामगंगा नदी में एक बार फिर गोवंश के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के मुताबिक करीब 10 दिन पहले भी नदी में गोवंशों के शव बहते हुए फंसे थे, जबकि बुधवार सुबह कुछ और शव नदी के किनारे आकर अटक गए। सुबह खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों ने जब नदी में शव देखे तो सनसनी फैल गई। शवों को जंगली कुत्ते,चील और कौए नोच रहे थे, जिससे दुर्गंध और भय का माहौल बन गया।
वीडियो वायरल, गौरक्षकों ने उठाई आवाज
बताया जाता है कि गांव खनी नवादा निवासी शिवशोरेन गौड़ ने मौके का वीडियो बनाकर गौरक्षकों को भेजा।इसके बाद गौरक्षक संघ से जुड़े सत्यम गौड़ और विनोद ने रामगंगा नदी में बहते गोवंशों के शवों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। वीडियो सामने आते ही।मामला प्रशासन तक पहुंच गया। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा सूचना मिलते ही सीओ फरीदपुर संदीप सिंह और थाना प्रभारी संतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नदी में फंसे गोवंशों के शवों को बाहर निकलवाया और पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराया।
पोस्टमार्टम के बाद शव दफन

पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने जेसीबी मशीन से गड्ढे खुदवाकर सभी गोवंशों के शवों को दफन करा दिया, ताकि संक्रमण और दुर्गंध से बचाव किया जा सके।
गोशाला से शव फेंके जाने की चर्चा
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि संभव है किसी गोशाला में पशुओं की मौत के बाद उनके शव रामगंगा नदी में फेंक दिए गए हों। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जानें क्या बोले इंस्पेक्टर
फतेहगंज पूर्वी के थाना प्रभारी संतोष कुमार ने The justice HINDI को बताया कि रामगंगा नदी में बहकर पशु आ गए थे। यहां कम पानी होने के कारण रुक गए। लोगों की सूचना के बाद पशु चिकित्सालय की टीम बुलाकर जांच कराई गई। यह सड़ चुके थे। जांच में हत्या या गोतस्करी से जुड़ी बात सामने नहीं आई। सीओ साहब और पशु चिकित्सालय की टीम की मौजूदगी में गोवंश के शव जेसीबी से मिट्टी में दवबा दिए हैं।
