हिम ट्रेडर्स के नाम पर फर्जी बिलिंग कर 16.26 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप, एसआईटी ने नैनीताल रोड से दबोचा नेटवर्क का मास्टरमाइंड और सहयोगी
बरेली : यूपी के बरेली में करोड़ों रुपये के जीएसटी घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। फर्जी फर्म बनाकर नकली टैक्स इनवॉइस के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ उठाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। राज्य कर विभाग की शिकायत पर दर्ज मुकदमे की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करीब 16.26 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी कर केंद्र और प्रदेश सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। राज्य कर विभाग के अनुसार, ‘हिम ट्रेडर्स’ नाम से बनाई गई फर्जी फर्म के माध्यम से जाली जीएसटी दस्तावेज तैयार किए गए और बिना वास्तविक कारोबार के फर्जी टैक्स इनवॉइस जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया गया। मामले का खुलासा होने के बाद इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद पुलिस और एसआईटी ने जांच शुरू की।
एसआईटी की महीनों की जांच के बादगिरफ्तारी
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) कई महीनों से इस नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। जांच के दौरान शहर के कैंट और इज्जतनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर नैनीताल रोड स्थित रोड नंबर-8 के पास से मुख्य आरोपी हिमांशु कुमार और उसके सहयोगी कुंवर सनोज मौर्य को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार दोनों लंबे समय से फर्जी फर्मों के जरिए टैक्स चोरी के संगठित नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
पूछताछ में खुला करोड़ों के फर्जीवाड़े का राज
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी हिमांशु कुमार ने बताया कि वर्ष 2019 में उसने एक व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से फर्जी फर्म बनाई थी। इसके बदले उसे करीब 3 लाख रुपये मिले थे। वहीं सह-आरोपी कुंवर सनोज मौर्य ने स्वीकार किया कि वह कमीशन के आधार पर फर्जी बिल तैयार करवाता था और इस काम से अब तक करीब 7 लाख रुपये कमा चुका है।
मोबाइल, नकदी और बैंक दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, नकदी, पैन कार्ड, आधार कार्ड तथा बैंक खातों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि फर्जी लेनदेन, बैंकिंग ट्रेल और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
एक आरोपी का पहले भी रहा है आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कुंवर सनोज मौर्य के खिलाफ पहले से।धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसके तार अन्य जिलों व राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस और राज्य कर विभाग संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़े खुलासे भी हो सकते हैं।
