राजगढ़ में उफनते नाले में बही 11 लोगों से भरी कार, 9 की मौत; 2 को सुरक्षित बचाया गया
पडाना गांव के पास तेज बहाव में बही ईको वैन, ग्रामीणों ने चालक को रोकने की कोशिश की थी; मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की
राजगढ़: मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश के बीच राजगढ़ जिले में बड़ा हादसा हो गया। पडाना गांव के पास उफनते नाले को पार करने की कोशिश में 11 लोगों से भरी ईको वैन तेज बहाव की चपेट में आकर बह गई। हादसे के बाद चलाए गए राहत और बचाव अभियान में नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद गांव और परिवार में मातम छा गया है।
उफनते नाले को पार करना पड़ा भारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पडाना गांव के पास झिरी नाले में बारिश के कारण तेज बहाव था। पानी सड़क और पुल के ऊपर से बह रहा था। इसी दौरान 11 लोगों से भरी कार नाले को पार करने के लिए आगे बढ़ी। कार नाले में उतरते ही तेज बहाव की चपेट में आ गई और कुछ ही सेकंड में पानी में बह गई। कार में सवार लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वाहन देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया।
ग्रामीणों ने चालक को रोकने की कोशिश की
बताया जा रहा है कि पुल पर पहले से जलभराव था। ग्रामीणों ने चालक को आगे पानी और खतरे की जानकारी देते हुए वाहन रोकने की कोशिश भी की थी। इसके बावजूद चालक वाहन लेकर आगे बढ़ गया। पडाना के पास करीब 30 फीट लंबे पुल का निर्माण चल रहा है। भारी बारिश के कारण निर्माणाधीन पुल और सड़क की वास्तविक स्थिति समझना चालक के लिए मुश्किल हो गया और वाहन तेज बहाव में बह गया।
एक ही परिवार के 11 लोग थे सवार
ईको वैन में एक ही परिवार के तीन पुरुष, चार महिलाएं और चार बच्चे सवार थे। पीड़ित परिवार देवास जिले के सतवास से सारंगपुर के कड़लावद जा रहा था। बताया जा रहा है कि ईको वैन सतवास क्षेत्र के धांसड़ गांव निवासी मुकेश सिंह चौहान के नाम पर पंजीकृत है और हादसे के समय मुकेश ही वाहन चला रहा था। कार बहने के बाद मुकेश और उनके चाचा हुकुम सिंह किसी तरह वाहन से बाहर निकलकर तैरते हुए अपनी जान बचाने में सफल रहे। हादसे के बाद दोनों सदमे में बताए जा रहे हैं।
रेस्क्यू अभियान में नौ लोगों की मौत
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। रेस्क्यू टीम ने पानी से शव बरामद किए। पुलिस के अनुसार हादसे में नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। घटना की जानकारी गांव में पहुंचते ही परिवार और ग्रामीणों में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल है।
राजगढ़ में कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
मूसलाधार बारिश के कारण राजगढ़ जिले की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। जिलाधिकारी ने अगले आदेश तक जिले के सभी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड की संयुक्त टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। कई इलाकों में बिजली और मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास नहीं जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने चार-चार लाख रुपये की सहायता की घोषणा की
हादसे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि राजगढ़ जिले के पचोर-सारंगपुर मार्ग पर बारिश के कारण हुई दुर्घटना में यात्रियों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है।मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापता नागरिकों की खोजबीन जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
