प्रयागराज : माघ मेला क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सेक्टर-5 स्थित नारायण शुक्ला धाम शिविर में अचानक आग भड़क उठी। आग लगते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और कल्पवास कर रहे श्रद्धालु जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। आग इतनी भीषण थी कि करीब 5 किलोमीटर दूर से धुएं का गुबार और लपटें साफ दिखाई दे रही थीं।
आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और संतों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। शिविर के भीतर धुआं भरने से स्थिति और गंभीर हो गई, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि नारायण धाम शिविर में करीब 15 टेंट लगे हुए थे, जिनमें 50 से अधिक कल्पवासी ठहरे हुए थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
फायर ब्रिगेड को सूचना मिलने के महज 10 मिनट के भीतर एक-एक कर कुल पांच दमकल वाहन मौके पर पहुंच गए। दमकलकर्मियों ने लगातार पानी की बौछार डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। हालांकि आग की लपटों को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन रुक-रुक कर आग दोबारा भड़क रही है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
दमकलकर्मियों ने एहतियात के तौर पर आसपास के अन्य शिविरों को भी खाली करा लिया, ताकि आग फैलने की स्थिति में किसी प्रकार की जनहानि न हो। नारायण धाम का मुख्य शिविर पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
गौरतलब है कि संगम की रेती पर बसे माघ मेले के तंबुओं के शहर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। माघ मेले का आज 11वां दिन है और रोजाना करीब 10 लाख श्रद्धालु संगम स्नान के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद साधु-संत, अखाड़े और कल्पवासी संगम तट पर तपस्या में लीन हैं। फिलहाल प्रशासन मौके पर मौजूद है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आग लगने से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और पूरे मामले की जांच जारी है।
