देवरिया : 50 साल पुरानी अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर चल रही बुलडोजर कार्रवाई मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रही। प्रशासन की ओर से अब तक मजार परिसर में बने करीब 4 हजार वर्ग फीट के हॉल, मजार और चबूतरे को ध्वस्त किया जा चुका है। अब परिसर में बनी मस्जिद शेष बची है, जिसे हटाया जाना अभी बाकी है। प्रशासन का कहना है कि यह मजार और उससे जुड़े निर्माण अवैध रूप से सरकारी जमीन पर किए गए थे, इसी आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है।
बुलडोजर कार्रवाई के बीच मजार परिसर में भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिले। देवरिया शहर की रहने वाली रानी तिवारी अपने 12 साल के बेटे के साथ मजार पहुंचीं। मजार के पास पहुंचते ही रानी भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए। उन्होंने मजार कमेटी को चादर चढ़ाने के लिए पैसे दिए और दुआ कर वापस लौट गईं। इस दौरान आसपास मौजूद लोग भी महिला की आस्था और भावनाओं को देखकर भावुक हो गए।
रानी तिवारी ने बताया कि 12 साल पहले उन्होंने इसी मजार पर संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी थी, जो बाद में पूरी हुई। उन्होंने कहा कि वह भगवान को किसी एक रूप में नहीं देखतीं, बल्कि श्रद्धा के साथ अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर जाती रही हैं। रानी के मुताबिक, जिस समय उन्होंने मन्नत मांगी थी, उस समय वह मजार के पास स्थित एक स्कूल में शिक्षिका थीं। किसी कारणवश उनका गर्भपात हो गया था और इसके बाद उन्हें संतान नहीं हो पा रही थी। डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया था और कहा था कि अब मां बनना संभव नहीं है। इस स्थिति से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थीं।
रानी ने बताया कि उसी स्कूल में कार्यरत एक मुस्लिम शिक्षिका ने उन्हें रमजान के महीने में अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर जाकर मन्नत मांगने की सलाह दी थी। इसके बाद वह अपनी सहकर्मी के साथ मजार पर पहुंचीं और संतान प्राप्ति की दुआ मांगी। कुछ समय बाद ही उनके जीवन में खुशियां लौटीं और उन्होंने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। इसके बाद से वह समय-समय पर बाबा की मजार पर आकर दुआ और पूजा-पाठ करती रहीं।
मंगलवार को जब उन्हें मजार पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जानकारी मिली, तो वह अपने बेटे को लेकर तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अपने-अपने धर्म के अनुसार पूजा-पाठ किया और बेटे के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। रानी ने कहा कि उन्हें यह जानकर दुख हुआ कि मजार और मस्जिद को तोड़ा जा रहा है, इसलिए वह अंतिम बार बाबा के दर्शन करने और चादर चढ़ाने आई थीं।
इस बीच मजार के ध्वस्तीकरण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। देवरिया से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी को इस मामले में सिर कलम करने की धमकी मिली है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक विधायक को खुलेआम जान से मारने और सिर कलम करने की धमकी देता नजर आ रहा है। पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए आरोपी युवक की तलाश शुरू कर दी है और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है।
भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मजार पर हुई कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है। उन्होंने एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा कि इस अवैध मजार का विरोध करने के चलते ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक राम नगीना यादव की निर्मम हत्या कर दी गई थी। विधायक ने कहा कि आज जब मजार पर बुलडोजर चला है, तो उन्हें विश्वास है कि राम नगीना यादव की आत्मा को शांति मिली होगी।
विधायक के बयान के बाद इलाके में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है। किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और किसी भी प्रकार की अवैध संरचना को हटाया जाएगा।
बताया जा रहा है कि अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर वर्षों से न सिर्फ मुस्लिम समुदाय, बल्कि हिंदू समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में आस्था के साथ आते रहे हैं। यहां चादर चढ़ाने, मन्नत मांगने और पूजा-पाठ की परंपरा चली आ रही थी। इसी वजह से कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की भावनाएं भी सामने आ रही हैं।
फिलहाल प्रशासन की नजर मस्जिद पर है, जिसे हटाने को लेकर अगला कदम उठाया जाना है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले पर जिला प्रशासन की निगरानी बनी हुई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।