बरेली : महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (MJPRU) के कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अधिष्ठाता और पादप विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. उपेन्द्र कुमार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। एससीआई रैंक ग्लोबल रजिस्ट्री 2025 ने उन्हें दुनिया के शीर्ष 5 वैज्ञानिकों में शामिल किया है। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों, वैज्ञानिक प्रकाशनों और वैश्विक स्तर पर उनके योगदान को देखते हुए दिया गया है।
वैज्ञानिक शोध के आधार पर मिला सम्मान
एससीआई रैंक ग्लोबल द्वारा जारी आधिकारिक प्रमाणपत्र के अनुसार प्रो. उपेन्द्र कुमार का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद उन्हें वर्ष 2025 की वैश्विक वैज्ञानिक रैंकिंग में स्थान मिला। यह रैंकिंग शोध पत्रों, उनके प्रभाव, उद्धरणों और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। दुनिया भर के वैज्ञानिकों में शीर्ष 5 में जगह बनाना किसी भी शोधकर्ता के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में दिया अहम योगदान
प्रो. उपेन्द्र कुमार गेहूं सुधार, जैव संवर्धन, पोषण सुरक्षा और कृषि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने शोध कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उनके अनुसंधान ने कृषि उत्पादन बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके कई शोध कार्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल चुकी है, जिससे विश्वविद्यालय की पहचान भी वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है।
विश्वविद्यालय परिवार ने जताई खुशी
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षकों, शोधार्थियों और कर्मचारियों ने प्रो. उपेन्द्र कुमार को बधाई दी। सभी ने इसे रुहेलखंड विश्वविद्यालय और प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया। वहीं प्रो. उपेन्द्र कुमार ने इस सम्मान का श्रेय अपने सहकर्मियों, शोधार्थियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें कृषि अनुसंधान और समाजोपयोगी विज्ञान के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा। विश्वविद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय शोध और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा।
