पीलीभीत : पीलीभीत में टोल प्लाजा पर दबंगई और अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कुछ कार सवार युवकों ने पहले टोल कर्मचारी के साथ मारपीट की और फिर उसे जबरन कार में बंधक बनाकर अपने साथ ले गए। घटना के बाद टोल प्लाजा पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और तत्काल पीछा कर कर्मचारी को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने की तैयारी कर रही है।
घटना बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के टिकरी टोल प्लाजा की बताई जा रही है। पीड़ित कर्मचारी राहुल तोमर ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि देर रात कुछ युवक कार लेकर टोल प्लाजा पहुंचे थे। आरोप है कि युवक वीआईपी लेन से बिना टोल दिए अपनी कार निकालना चाहते थे। टोल कर्मचारी राहुल तोमर ने जब उनसे नियम के अनुसार दूसरी लेन से जाने और टोल शुल्क जमा करने के लिए कहा तो युवक गुस्से में आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई और मामला बढ़ गया।
राहुल तोमर का आरोप है कि कार सवार युवकों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर मारपीट करने लगे। इसी दौरान आरोपियों ने टोल बैरियर को भी तोड़ दिया। टोल प्लाजा पर मौजूद अन्य कर्मचारी कुछ समझ पाते उससे पहले ही आरोपी राहुल तोमर को जबरन अपनी कार में बैठाकर वहां से फरार हो गए। कर्मचारी के अपहरण की जानकारी मिलते ही टोल प्लाजा पर हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही बीसलपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में पूरी घटना कैद मिली, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की कार की पहचान की और तत्काल पीछा शुरू कर दिया। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में सक्रिय कर दी गईं।
बताया जा रहा है कि जब आरोपियों को एहसास हुआ कि पुलिस लगातार उनका पीछा कर रही है तो वे घबरा गए। इसके बाद थाना बरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम पिपरा के पास नहर पटरी पर उन्होंने कर्मचारी राहुल तोमर को कार से नीचे उतार दिया और वहां से भागने का प्रयास करने लगे। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी और कुछ ही देर में पांचों आरोपियों को पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित पटेल, राजकमल कश्यप, संतोष गंगवार उर्फ रिंकू, योगेंद्र गंगवार और अंकुर गंगवार के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार को भी कब्जे में ले लिया है। वहीं पीड़ित कर्मचारी राहुल तोमर को सुरक्षित बरामद कर मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। डॉक्टरों द्वारा उसका मेडिकल कराया गया है ताकि मारपीट से जुड़ी चोटों की पुष्टि हो सके।
घटना के बाद टोल कर्मचारियों में काफी नाराजगी देखने को मिली। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार दबंग लोग वीआईपी लेन या बिना टोल दिए निकलने की कोशिश करते हैं और विरोध करने पर कर्मचारियों से अभद्रता करते हैं। कर्मचारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा, अपहरण और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास तो नहीं है।
फिलहाल पुलिस की त्वरित कार्रवाई से टोल कर्मचारी को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन इस घटना ने टोल प्लाजा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दिन-रात ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अक्सर दबंगई और बदसलूकी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कर्मचारियों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और टोल प्लाजा पर पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी
