बरेली: बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल ठगी को रोकने के लिए बरेली पुलिस लाइन के रविन्द्रालय सभागार में आज जोन स्तरीय साइबर वर्कशॉप आयोजित की गई। एडीजी ज़ोन रमित शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पूरे बरेली जोन की साइबर कार्रवाई, चुनौतियाँ और समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। एडीजी ने साफ कहा कि अब साइबर अपराधियों से मुकाबला पुराने तरीके से नहीं, बल्कि तकनीक की समझ और तेज़ कार्रवाई से ही किया जा सकता है।
1930 पर आई हर शिकायत को तुरंत लें एक्शन: एडीजी

एडीजी रमित शर्मा ने कहा कि साइबर अपराध अब किसी एक जिले तक सीमित नहीं है। अपराधी फर्जी मोबाइल नंबर, फर्जी खातों और डिजिटल वॉलेट के ज़रिए पूरे प्रदेश में ठगी कर रहे हैं। इसलिए 1930 हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए और पीड़ित के पैसे को समय रहते ब्लॉक कराया जाए।
डीआईजी साइबर बोले-तकनीक सीखें, तभी रुकेगी ठगी

वर्कशॉप में डीआईजी साइबर क्राइम पवन कुमार ने जिलों की रिपोर्टें देखते हुए कहा कि साइबर सेल में मौजूद डिजिटल टूल्स और डेटा एनालिसिस सिस्टम का अधिक उपयोग किया जाए। जहां तकनीकी जानकारी कम है, वहां तुरंत प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता भी बहुत जरूरी है, इसलिए स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण इलाकों में साइबर सुरक्षा कैंप चलाए जाएं।
फर्जी सिम, फर्जी खाते और संदिग्ध वॉलेट पर शुरू हो अभियान
डीआईजी बरेली रेंज अजय कुमार साहनी ने कहा कि फर्जी सिम कार्ड, फर्जी बैंक खातों और संदिग्ध डिजिटल वॉलेट पर एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया जाए। उन्होंने बताया कि कुछ पड़ोसी देशों के गिरोह “साइबर स्लेवरी” के जरिए करोड़ों की ठगी कर रहे हैं, जिन्हें सिर्फ तकनीक के ज़रिए ही पकड़ा जा सकता है। डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज जी ने भी ऑनलाइन जुड़कर साइबर फ्रॉड से बचने के सुझाव दिए।
एसएसपी बरेली और एसपी रामपुर ने दिया प्रजेंटेशन

एसएसपी बरेली अनुराग आर्य और एसपी रामपुर विद्या सागर मिश्र ने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि कैसे जोन में साइबर टीमों की कार्यप्रणाली को और मजबूत किया जा सकता है। वर्कशॉप में सभी जिलों के साइबर प्रभारी, साइबर क्राइम थानों के अधिकारी और 181 थानों की साइबर हेल्पडेस्क टीमें मौजूद रहीं।
एडीजी बोले-सभी एजेंसियों के साथ मिलकर ही रुकेंगे साइबर अपराध
कार्यक्रम के अंत में एडीजी रमित शर्मा ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई तभी जीती जा सकती है, जब पुलिस, बैंक, टेलीकॉम कंपनियां, एनपीसीआई और सभी एजेंसियां एक साथ मिलकर काम करें।
