नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीर बाल दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित किया। कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने इस वर्ष वीरता पुरस्कार से सम्मानित बच्चों के साथ संवाद किया और एक-एक बच्चे से मुलाकात कर उनके शौर्य और पराक्रम की सराहना की। बच्चों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत का वीडियो भी सामने आया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश वीर बाल दिवस मना रहा है और इस अवसर पर हम उन वीर साहिबजादों को याद कर रहे हैं, जो भारत का गौरव हैं। उन्होंने कहा कि वीर साहिबजादे भारत के अदम्य साहस, शौर्य और वीरता की पराकाष्ठा हैं। उन्होंने कम उम्र में ही क्रूर मुगल सल्तनत के सामने चट्टान की तरह खड़े होकर मजहबी कट्टरता और आतंक के वजूद को चुनौती दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस राष्ट्र के पास ऐसा गौरवशाली अतीत हो और जिसकी युवा पीढ़ी को ऐसी प्रेरणाएं विरासत में मिली हों, वह राष्ट्र असंभव को भी संभव कर सकता है। उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर का दिन उन्हें यह संतोष देता है कि केंद्र सरकार ने साहिबजादों की वीरता से प्रेरणा लेकर वीर बाल दिवस मनाने की परंपरा शुरू की। बीते चार वर्षों में वीर बाल दिवस ने साहस और प्रतिभा से भरे बच्चों को आगे लाने का एक मजबूत मंच तैयार किया है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से आए 20 बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले बच्चों से कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, शिक्षकों और मेंटर्स का भी है। उन्होंने कहा कि सत्यनिष्ठा के प्रतीक गुरु गोविंद सिंह आने वाली पीढ़ियों को भी निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल वीर पुरस्कारों के लिए हर वर्ष आवेदन करने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की उपलब्धियां देश के भविष्य पर विश्वास को और मजबूत करती हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु गोविंद सिंह जी के पुत्र साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के असाधारण साहस और सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
