पीलीभीत : पीलीभीत से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां प्रधानमंत्री की ईंधन बचाओ और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील का असर अब प्रशासनिक स्तर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जिले के डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर एक नई पहल शुरू की है, जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है। डीएम के निर्देश पर अब सरकारी अधिकारियों ने निजी और सरकारी गाड़ियों के बजाय सामूहिक परिवहन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। इसी पहल के तहत शनिवार को तहसील समाधान दिवस में शामिल होने के लिए जिले के तमाम अधिकारी एक ही बस में सवार होकर अमरिया तहसील पहुंचे।
दरअसल, जिला प्रशासन ने ईंधन की खपत कम करने और अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। गांधी सभागार से एक बस के जरिए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अमरिया तहसील के लिए रवाना किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने अलग-अलग सरकारी वाहनों के बजाय एक साथ यात्रा की। अधिकारियों की यह पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई और आम जनता ने भी इसे सराहनीय कदम बताया।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा बेहद जरूरी विषय हैं। उन्होंने कहा कि अगर छोटे-छोटे स्तर पर भी ईंधन की बचत की जाए तो इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है। डीएम ने कहा कि सरकारी स्तर पर शुरुआत करके जनता को भी संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाया जाए और अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचा जाए।
डीएम ने आम लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि जहां संभव हो वहां निजी वाहनों के बजाय बस, ट्रेन या अन्य सार्वजनिक साधनों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
प्रशासन की इस नई पहल का असर अब जिले में दिखाई देने लगा है। कई लोगों ने इसे एक अच्छी शुरुआत बताया और कहा कि जब अधिकारी खुद सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे तो आम जनता में भी सकारात्मक संदेश जाएगा। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते प्रदूषण और महंगे होते ईंधन के दौर में इस तरह की पहल बेहद जरूरी है।
तहसील समाधान दिवस में पहुंचे अधिकारियों ने आम जनता की समस्याएं भी सुनीं और मौके पर कई मामलों का निस्तारण किया। लेकिन इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा अधिकारियों के एक साथ बस में सफर करने को लेकर रही। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे और जरूरत पड़ने पर अन्य सरकारी कार्यक्रमों में भी सामूहिक परिवहन व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। फिलहाल पीलीभीत प्रशासन की यह पहल जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी, पीलीभीत
