फिटनेस, ओवरलोडिंग, अवैध संचालन और क्षमता से अधिक सवारी पर लगातार हो रही कार्रवाई, सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
पीलीभीत : उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर सरकार अब पूरी तरह सख्त दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री द्वारा सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और ऊपर से नीचे तक जवाबदेही तय करने के निर्देश के बाद प्रदेशभर में परिवहन विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है। सरकार का साफ संदेश है कि सड़क हादसों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यही वजह है कि अलग-अलग जनपदों में लगातार विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।
पीलीभीत में लगातार चल रहा विशेष अभियान
पीलीभीत में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी पूरी तरह कार्रवाई के मूड में दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश लागू होने के बाद जिले में फिटनेस विहीन वाहनों, ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों, क्षमता से अधिक सवारी ढोने वाले वाहनों, नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल वाहनों और अवैध संचालन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग की टीम सड़क पर उतरकर वाहनों की जांच कर रही है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालान, वाहन सीज और परमिट निरस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई की जा रही है।
लोगों से नियम पालन की अपील
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने लोगों से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन न चलाने, नशे की हालत में वाहन न चलाने और तेज रफ्तार से बचने की अपील भी की है। विभाग की इस सख्ती से वाहन संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि कई ऐसे वाहन चिन्हित किए गए हैं जो लंबे समय से बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के सड़कों पर दौड़ रहे थे। ऐसे वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में सड़क सुरक्षा को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट कहा था कि सड़क हादसों की रोकथाम के लिए हर स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल कागजी कार्रवाई नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त अमल जरूरी है। बैठक में दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित करने, राष्ट्रीय राजमार्गों पर गश्त बढ़ाने, जनजागरूकता अभियान तेज करने और एम्बुलेंस व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी
