पीलीभीत : उत्तर प्रदेश सरकार की जनसुनवाई व्यवस्था में पीलीभीत जिला लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल जनशिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के मामले में पीलीभीत ने एक बार फिर प्रदेश स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। अप्रैल माह की आईजीआरएस यानी इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम की ताजा रिपोर्ट में पीलीभीत को पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। खास बात यह है कि जिला लगातार चौथे महीने भी प्रदेश में दूसरा स्थान बनाए रखने में सफल रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार पीलीभीत जिले ने 140 पूर्णांक के मुकाबले 137 अंक हासिल किए हैं। जिले का प्रदर्शन 97.86 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जिसे प्रशासनिक स्तर पर बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के चलते जिले को यह स्थान मिला है।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की निगरानी में जनसुनवाई और शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तय समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। यही वजह है कि जिले में लगातार शिकायतों के निस्तारण की दर में सुधार देखने को मिल रहा है।
आईजीआरएस पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याओं और शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। इन शिकायतों की निगरानी सीधे शासन स्तर से की जाती है। शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता, समय सीमा और संतुष्टि के आधार पर जिलों की रैंकिंग तय की जाती है।
पीलीभीत जिले की इस उपलब्धि को प्रशासनिक कार्यशैली और अधिकारियों की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। जिले में तहसील, ब्लॉक और थाना स्तर तक अधिकारियों को शिकायतों के समाधान के लिए सक्रिय किया गया है। साथ ही लंबित मामलों की नियमित समीक्षा भी की जा रही है।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो, ताकि लोगों का भरोसा व्यवस्था पर बना रहे।
प्रदेश स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने से जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी उत्साह का माहौल है। वहीं आम लोगों का कहना है कि शिकायतों के समाधान में पहले की तुलना में तेजी आई है। प्रशासन की इस उपलब्धि को योगी सरकार की जनसुनवाई और सुशासन नीति की सफलता के रूप में भी देखा जा रहा है।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी, पीलीभीत
