पीलीभीत : गन्ना भुगतान और वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों के मुद्दे को लेकर किसानों का गुस्सा शनिवार को खुलकर सामने आया। जिले के बरखेड़ा क्षेत्र समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान एकत्र होकर गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के आवास पहुंच गए और वहां जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार और चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने किया। किसानों का कहना था कि गन्ना उनकी मुख्य फसल है और इसी पर उनके परिवारों की आजीविका निर्भर करती है, लेकिन लंबे समय से गन्ने का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है। इससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन में शामिल किसानों ने आरोप लगाया कि बरखेड़ा चीनी मिल सहित जिले की कई चीनी मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपये का भुगतान बकाया है। भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण किसानों के सामने खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि उन्हें खाद, बीज, कीटनाशक और सिंचाई के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। समय पर भुगतान न मिलने से वे कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। किसानों ने कहा कि सरकार गन्ना किसानों के हितों की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जिले की मझोला सहकारी चीनी मिल को दोबारा चालू करने की भी मांग उठाई। किसानों का कहना था कि मझोला चीनी मिल करीब 15 वर्षों से बंद पड़ी हुई है। इस मिल के बंद होने का सबसे अधिक नुकसान आसपास के किसानों को उठाना पड़ रहा है। उन्हें अपना गन्ना दूर-दराज की चीनी मिलों तक पहुंचाना पड़ता है, जिससे परिवहन खर्च बढ़ जाता है और समय की भी बर्बादी होती है। किसानों का कहना है कि यदि मझोला चीनी मिल दोबारा शुरू हो जाए तो क्षेत्र के हजारों किसानों को राहत मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
किसानों ने आरोप लगाया कि मझोला सहकारी चीनी मिल कुप्रबंधन और भारी वित्तीय घाटे के कारण बंद हुई थी। बताया जा रहा है कि मिल पर करीब चार अरब रुपये से अधिक का वित्तीय बोझ था, जिसके चलते इसका संचालन बंद हो गया। किसानों का कहना है कि इतने वर्षों के बाद भी सरकार ने मिल को पुनर्जीवित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इससे क्षेत्र के किसानों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने किसानों के साथ मौके से ही गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार से फोन पर बातचीत की। उन्होंने मंत्री को किसानों की समस्याओं और उनकी मांगों से अवगत कराया। कुमुद गंगवार ने कहा कि किसानों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। गन्ना भुगतान में देरी और बंद पड़ी चीनी मिलों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए और मझोला चीनी मिल को फिर से चालू करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
फोन पर हुई बातचीत के दौरान गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले को शासन स्तर पर उठाएंगे और संबंधित अधिकारियों तथा चीनी मिल प्रबंधन से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। मंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाएगा और भुगतान संबंधी मुद्दों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि किसानों ने साफ कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई और गन्ना भुगतान नहीं कराया गया तो वे और बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। किसानों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। प्रदर्शन के दौरान किसानों में सरकार और चीनी मिल प्रबंधन के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दी। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को जिले से प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
फिलहाल मंत्री के आश्वासन के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो गया, लेकिन किसानों ने साफ कर दिया है कि अब वे ठोस कार्रवाई का इंतजार करेंगे। यदि जल्द परिणाम नहीं मिला तो आने वाले दिनों में पीलीभीत में गन्ना किसानों का आंदोलन और तेज हो सकता है।
रिपोर्ट: ऋतिक द्विवेदी
