पीलीभीत। पूरनपुर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में हिंदू छात्राओं के साथ कथित भेदभाव का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। कॉलेज की प्रधानाचार्या पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने हिंदू छात्राओं के माथे से तिलक धुलवाया और उन्हें भविष्य में तिलक लगाकर विद्यालय न आने की चेतावनी दी। वहीं मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर आने के लिए प्रोत्साहित किए जाने का भी आरोप है। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से किए जाने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।

पूरनपुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान शिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार आर्य ने इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र दिया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विद्यालय में धार्मिक आधार पर भेदभाव किया जा रहा है। हिंदू छात्राओं को तिलक लगाकर आने से रोका जाता है, जबकि मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने की छूट दी जाती है। शिकायत में यह भी कहा गया कि विद्यालय में तैनात कुछ कर्मचारी और शिक्षक भी कथित रूप से पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हैं।
शिकायत में विद्यालय परिसर से कीमती पेड़ कटवाने और वित्तीय अनियमितताओं जैसे अन्य आरोप भी लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, सीओ डॉ. प्रतीक दहिया और जिला विद्यालय निरीक्षक मुकेश कुमार को सौंपी गई है। जांच समिति ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज कर लिए हैं। अब प्रधानाचार्या विद्यालय के शिक्षकों और छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। सभी पक्षों के बयान लेने के बाद जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
हालांकि शिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार आर्य ने स्वयं स्वीकार किया है कि उन्होंने यह शिकायत किसी छात्रा की प्रत्यक्ष शिकायत या किसी ठोस साक्ष्य के आधार पर नहीं की है। उनका कहना है कि उन्हें यह जानकारी कॉलेज के एक कर्मचारी के माध्यम से मिली थी, जिसके बाद उन्होंने मामले को प्रशासन के संज्ञान में लाया। राजेंद्र कुमार आर्य ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि आरोप गलत साबित होने पर किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
मामले की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहा है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।- ज्ञानेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी
