श्रीराम कथा महोत्सव में मुख्यमंत्री ने कहा- उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक विविधताओं के बावजूद आस्था भारत को एक सूत्र में बांधती है, अयोध्या में अब प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु कर रहे रामलला के दर्शन
पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि आस्था भारत को एक सूत्र में पिरोती है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। पीलीभीत में ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, राम मंदिर निर्माण और अयोध्या के विकास पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत में वेशभूषा, रंग-रूप, बोलियों और भाषाओं में विविधता होने के बावजूद देश एक सूत्र में बंधा हुआ है। इसका सबसे बड़ा आधार हमारी आस्था है।
आस्था ही भारत की एकता का सबसे बड़ा आधार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में करीब 200 देश हैं और प्रत्येक देश की अपनी पहचान, चुनौतियां, समस्याएं और उपलब्धियां हैं। कुछ देशों की आबादी लाखों में है तो कुछ की करोड़ों में। उन्होंने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक भारत में अनेक प्रकार की विविधताएं देखने को मिलती हैं, लेकिन इसके बावजूद देश की एकता कायम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी कोई शुभ अवसर आता है या किसी शुभ कार्य की शुरुआत होती है, तो सनातन धर्म के अनुयायी अपने घरों में अखंड रामायण का पाठ आयोजित करते हैं। यह हमारी परंपरा है, जिससे जुड़कर हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि आस्था ही वह शक्ति है, जो देश के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती है।
500 साल के संघर्ष के बाद अयोध्या में बना भव्य राम मंदिर
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए श्रद्धालुओं ने लंबे समय तक संघर्ष किया और बलिदान दिए। करीब 500 वर्षों के संघर्ष के बाद आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने दो नवंबर 1990 की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में जय श्रीराम बोलने और रामभक्तों के अयोध्या पहुंचने पर प्रतिबंध था, जबकि आज श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा होती है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रज्वलित होने वाला एक-एक दीप देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा। अब अयोध्या केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि विकास के नए केंद्र के रूप में भी उभर रही है।
रामराज्य का मतलब अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामराज्य की अवधारणा समझाते हुए कहा कि बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही रामराज्य का वास्तविक अर्थ है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में रामलीला, श्रीराम कथा और अखंड रामायण पाठ की परंपरा लोगों को भगवान राम के आदर्शों से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्श समाज को सही दिशा देने का काम करते हैं और इन परंपराओं को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।
चार लेन की सड़कों और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बदली अयोध्या की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले वहां रेलवे की एकल लाइन, संकरी गलियां, गंदगी और बदहाल सड़कें थीं। हवाई सेवा की भी सुविधा नहीं थी। लेकिन अब चार लेन की सड़कों, बेहतर रेल सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अयोध्या की तस्वीर बदल गई है। उन्होंने बताया कि अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अयोध्या में प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जबकि पर्व और त्योहारों के अवसर पर यह संख्या पांच लाख से 50 लाख तक पहुंच जाती है।
