सपा प्रमुख का तंज -क्योटो नहीं बना पाए तो फोटो ही लगा देते, 80 की 80 सीटें जीतकर भी SP EVM के खिलाफ,गंगा सफाई, जाम
वाराणसी/लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी से भाजपा के खिलाफ सियासी मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को एक दिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे अखिलेश यादव ने शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव में सपा प्रत्याशियों की जीत को भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश बताया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ ने समाजवादी पार्टी को दोहरा आशीर्वाद दिया है और डबल इंजन सरकार की वाराणसी में डबल हार हुई है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘भाजपा जब जाएगी तो बनारस मुस्कुराएगा।’ अखिलेश यादव ने पत्रकार वार्ता में भाजपा सरकार पर वोट चोरी, चुनाव में धांधली, संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने, किसानों, व्यापारियों और PDA समाज के लोगों के साथ अन्याय करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने दस साल में वाराणसी की जनता को ठगने का काम किया है। काशी की सांस्कृतिक विरासत, गंगा की सफाई, नाविकों, बुनकरों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाराणसी को मेट्रो रेल की सुविधा दी जाएगी और वरुणा नदी को साफ कर वरुणा रिवर फ्रंट का सपना पूरा किया जाएगा।
शिक्षक-स्नातक चुनाव में जीत को बताया 2027 का संदेश
अखिलेश यादव ने वाराणसी क्षेत्र के शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों लाल बिहारी यादव और आशुतोष सिन्हा को जीत दिलाने वाले मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ ने सपा को दोहरा आशीर्वाद दिया है। भाजपा ने एक बार हार स्वीकार नहीं की और दोबारा मतगणना कराई, लेकिन उसे फिर हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस नतीजे को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश बताते हुए भाजपा पर तंज कसा। अखिलेश ने कहा कि भाजपा की डबल हार आने वाले चुनावों में भी बदलाव का संकेत है।
‘भाजपा ही अराजकता है’, वोट चोरी और लोकतंत्र पर उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया में धांधली और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट चोरी करती है और चुनाव व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करती है। भाजपा सरकार ने हर क्षेत्र में अराजकता पैदा की है।संविधान और लोकतंत्र के लिए भाजपा संकट है। उन्होंने कहा कि जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को हटाकर इस संकट को दूर करेगी। अखिलेश ने अपने बयान में कहा कि समाजवादी पार्टी 80 की 80 लोकसभा सीटें भी जीत जाए, तब भी वह EVM के खिलाफ रहेगी।
PDA समाज पर अत्याचार का आरोप, बुलडोजर कार्रवाई पर उठाए सवाल
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने PDA समाज के लोगों के साथ कथित अन्याय और अत्याचार का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के स्वजातीय लोग PDA समाज के लोगों पर अन्याय और अत्याचार कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का बुलडोजर गरीबों, पीड़ितों और व्यापारियों पर चलता है। PDA की परिभाषा बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समुदाय के मुसलमान, जैन, बौद्ध, पारसी, सिख और ईसाई के साथ आधी आबादी तथा दुखी, पीड़ित और अपमानित लोग भी शामिल हैं।
मणिकर्णिका घाट और पाल समाज का उठाया मुद्दा
काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने मणिकर्णिका घाट पर हुई कार्रवाई और पाल समाज के लोगों पर लाठीचार्ज का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट की ऐतिहासिक पहचान को नुकसान पहुंचाया गया और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियों को तोड़ा गया। अखिलेश ने कहा कि काशी की संस्कृति और विरासत को मिटाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दालमंडी के व्यापारियों की दुकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि बनारस की जनता इन घटनाओं को नहीं भूलेगी।
गंगा सफाई, जाम और कूड़े को लेकर सरकार पर निशाना
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने वाराणसी में विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए गंगा सफाई, ट्रैफिक जाम, पेयजल और कूड़ा निस्तारण जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गंगा की सफाई के नाम पर आए बजट में भ्रष्टाचार हुआ और मां गंगा की सफाई का काम अपेक्षा के मुताबिक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद वाराणसी की ट्रैफिक व्यवस्था नहीं सुधर पाई है। शहर में जाम की समस्या बनी हुई है, लोगों को पीने के पानी और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क पर जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए उन्होंने भाजपा के विश्वस्तरीय विकास के दावों पर तंज कसा। अखिलेश ने कहा, ‘कम से कम क्योटो नहीं बना पाए तो क्योटो की होर्डिंग ही लगा देते।’ उन्होंने मां गंगा का जिक्र करते हुए कहा कि ‘इस बार अगर मां गंगा को उन्होंने भुलाया तो मां गंगा ने इन भाजपाइयों को भी भुला दिया।’
सपा सरकार बनने पर काशी को मिलेगी मेट्रो और वरुणा रिवर फ्रंट की सौगात
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने वाराणसी के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी का विजन भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि शहर में जाम की समस्या और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के लिए मेट्रो रेल जरूरी है। सपा सरकार बनने पर काशी में मेट्रो चलाने का काम किया जाएगा।उन्होंने वरुणा नदी की सफाई और वरुणा रिवर फ्रंट विकसित करने का भी वादा किया।अखिलेश ने कहा कि उनका सपना है कि शहर के बीच से साफ-सुथरी नदी बहे और इसके आसपास बेहतर सुविधाएं विकसित हों। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने वाराणसी में मेट्रो की योजना को आगे नहीं बढ़ाया।
भगवान श्रीकृष्ण के अपमान पर बोले- सनातनी चुप क्यों हैं?
उन्होंने धार्मिक भावनाओं और सनातन धर्म के मुद्दे पर भी बयान दिया। उन्होंने बिना नाम लिए एक बाबा के बयानों का जिक्र करते हुए भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम से जुड़ी कथित विवादित टिप्पणियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल किया कि भगवान श्रीकृष्ण के अपमान पर खुद को सनातनी कहने वाले लोग चुप क्यों हैं और सरकार का बुलडोजर कहां चला गया? उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले ऐसे लोगों के कार्यक्रम रद्द किए जाने चाहिए। अखिलेश ने कहा कि सनातन धर्म और भगवान के अपमान को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्था पर भी हमला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में स्त्री रोग विभाग के भीतर एक नवजात बच्चे को कुत्ते द्वारा नोचे जाने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और असली अराजकता बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बर्बाद हो चुकी हैं। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, पुलिस हिरासत में मौतों, हत्याओं और साइबर अपराधों को लेकर भी सरकार को घेरा। बरेली में भाजपा की रैली में शामिल होने आ रहे नेताओं को शाहजहांपुर के मेडिकल कॉलेज की स्थिति देखने की नसीहत देते हुए उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए।
पेपर लीक और स्कूल बंदी को लेकर कही ऐसी बात
सपा अध्यक्ष ने प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने और सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 26 हजार से अधिक प्राथमिक स्कूल बंद किए गए हैं और 20 से ज्यादा भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने पीजीआई की भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने का भी जिक्र किया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आरक्षण की लूट की है और PDA समाज के महापुरुषों का अपमान किया है। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाओं पर भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया।
किसानों और युवाओं के लिए भी भाजपा को घेरा
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के सत्ता से हटने पर बनारस के साथ किसान और युवा भी मुस्कुराएंगे। उन्होंने वाराणसी में सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जाने का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार किसानों की जमीन लेना चाहती है, लेकिन उन्हें बाजार भाव के अनुसार मुआवजा नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नाविकों, बुनकरों, व्यापारियों और किसानों को निराश किया है। जनता अब सरकार की नीतियों और वादों का जवाब देगी। अखिलेश यादव का वाराणसी दौरा केवल शिक्षक-स्नातक चुनाव में सपा की जीत पर मतदाताओं का आभार जताने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने काशी की विरासत, गंगा सफाई, मेट्रो, PDA, EVM, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार जैसे मुद्दों के जरिए 2027 के विधानसभा चुनाव का सियासी एजेंडा भी सामने रखने की कोशिश की। भाजपा के खिलाफ उनके बयानों से यूपी की सियासत में चुनावी सरगर्मी और तेज होने के संकेत हैं।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
