736 शहादतें, 380 दिनों की लड़ाई… आंदोलन के 5 साल बाद फिर उबल रहा देश का किसान
नई दिल्ली/लखनऊ : ऐतिहासिक किसान आंदोलन के पांच साल पूरे होने पर संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने आज दोपहर ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने 26 नवंबर 2025 को हर राज्य और हर जिले में किसानों -मज़दूरों का विशाल विरोध प्रदर्शन होगा। SKM ने कहा कि “सरकार ने 9 दिसंबर 2021 को MSP कानून, कर्जमाफी और बिजली निजीकरण रोकने का लिखित वादा किया था, लेकिन 5 साल बाद भी कुछ नहीं बदला।”
MSP पर SKM का सबसे कड़ा बयान-‘30% नुकसान में फसल बेच रहे किसान’
SKM ने कहा कि MSP के बिना खरीद व्यवस्था बेकार है। आज की जमीनी हकीकत यह है कि धान बिक रहा है 1400 प्रति क्विंटल, धान MSP (A2+FL+50%) 2369 है। C2+50% के हिसाब से असली MSP 3012। इसी तरह से कपास 6000 में बिक रही है, जबकि MSP 7761 है। मक्का 1800 में बिक रही है, जबकि MSP 2400 है। SKM ने आरोप लगाया कि “खरीद प्रणाली न होने की वजह से किसान MSP के 30% तक का घाटा झेल रहा है।”
कर्जमाफी पर SKM का बड़ा हमला- ‘कॉर्पोरेट को 16.41 लाख करोड़, किसान को 0 रुपये!
SKM ने साफ कहा कि 11 साल में 16.41 लाख करोड़ का कॉर्पोरेट कर्ज माफ है। किसानों का एक रुपये का कर्ज भी माफ नहीं है। SKM ने किसानों और खेत मज़दूरों के लिए व्यापक ऋणमाफी योजना की मांग दोहराई। बिजली विधेयक 2025, स्मार्ट मीटर और निजीकरण देशभर में बड़ा विरोध है। SKM की मांगें हैं कि बिजली निजीकरण तुरंत बंद हो, स्मार्ट मीटर की जबरन इंस्टॉलेशन रोकी जाए, हर परिवार को 300 यूनिट फ्री बिजली, बिजली विधेयक 2025 को पूर्ण रूप से रद्द किया जाए
अमेरिका के 50% टैरिफ पर SKM का हमला- ‘यह भारत की संप्रभुता पर चोट’
SKM ने कहा कि अमेरिका द्वारा 50% टैरिफ भारतीय कृषि पर सीधा हमला है, कपास और डेयरी पर कोई FTA मंजूर नहीं है। भारत–UK FTA (CETA मॉडल) रद्द किया जाए, बीज विधेयक 2025 वापस लिया जाए। यह किसानों की बीज संप्रभुता खत्म करेगा। कॉर्पोरेट कंपनियों का एकाधिकार बढ़ाएगा
SKM की 8 प्रमुख मांगें- 26 नवंबर की जंग इन पर टिकी है
1. MSP @ C2+50% पर कानून और गारंटीशुदा खरीद
2. किसानों-मज़दूरों की व्यापक कर्जमाफी
3. बिजली निजीकरण बंद, स्मार्ट मीटर बंद, 300 यूनिट मुफ्त बिजली
4. 50% अमेरिकी टैरिफ का विरोध; UK-FTA रद्द; बीज विधेयक वापसी
5. चार श्रम संहिताएं तुरंत रद्द
6. प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित करें, पूर्ण मुआवज़ा दें
7. मनरेगा में 200 दिन काम + ₹700 दिहाड़ी, 65 लाख सरकारी पद भरें, OPS बहाल
8. भूमिअधिग्रहण में बुलडोजर राज खत्म, LARR-2013 का पालन
लोकतंत्र, चुनाव और UAPA पर SKM के तीखे सवाल
उन्होके कहा “लोकतंत्र खतरे में है।”चुनाव आयोग पर जनता का भरोसा बहाल किया जाए।।चुनाव खर्च के लिए सार्वजनिक फंड की व्यवस्था। चयन समिति से गृह मंत्री हटें, CJI शामिल हों। UAPA और महाराष्ट्र PSA जैसे कठोर कानून खत्म हों। नई दंड संहिताओं में संशोधन किया जाए
मजबूत भारत के लिए मजबूत राज्य- SKM की संघीय लड़ाई का एलान
SKM ने मांग कि राज्यों का GST हिस्सा 31% से बढ़ाकर 60%,राज्यों को टैक्स लगाने की शक्ति वापस मिले, कृषि संकट, किसान आत्महत्या और प्रवास खत्म करने के लिए, सार्वजनिक निवेश, कृषि-उद्योग, वैल्यू चेन में राज्य सरकारों को वित्तीय स्वायत्तता दी जाए
सांप्रदायिकता पर SKM की चेतावनी-“देश तोड़ने वालों से नहीं, किसानों-मज़दूरों से देश बचेगा”
SKM ने कहा सरकार जनता को बांटकर कॉर्पोरेट के लिए माहौल बना रही है। हिंदू–मुस्लिम एकता की रक्षा जरूरी हैं। न्यायपालिका और प्रशासन को सांप्रदायिक असर से मुक्त रखना होगा। 26 नवंबर: गांव-गांव में अभियान- पैदल यात्राएँ, सभाएँ, घर-घर संपर्क होगा। SKM ने बताया कि सभी राज्यों में सम्मेलन, प्रेस मीट, पदयात्राएँ, साइकिल यात्राएँ, ग्राम सभाएँ, घर-घर संपर्क तेजी से चल रहा है। यह सिर्फ एक दिन का आंदोलन नहीं…यह भारत के किसान–मज़दूरों का दीर्घकालिक राष्ट्रीय संघर्ष होगा।
