कारगिल युद्ध के दिव्यांग वीर सैनिक राम भुवाल को किया सम्मानित, सीमा सुरक्षा और विदेश नीति पर भी रखी बात।
लखनऊ : कारगिल विजय दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पार्टी के राज्य मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों और समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अद्वितीय साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने कारगिल युद्ध में सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट के लांस नायक राम भुवाल, जिन्होंने युद्ध के दौरान अपने दोनों पैर गंवा दिए थे। उनको शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
वीर सैनिकों के बलिदान पर भारत को गर्व

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का बलिदान भारत के इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा और पूरा देश उनकी वीरता पर गर्व करता है। अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि 26 जुलाई भारतीय इतिहास का गौरवशाली दिन है। यह दिन जहां कारगिल विजय दिवस के रूप में सेना के शौर्य और बलिदान की याद दिलाता है, वहीं संविधान मानस्तंभ दिवस के रूप में सामाजिक न्याय और आरक्षण की भावना के सम्मान का भी प्रतीक है।
देश के घटते क्षेत्रफल पर जताई चिंता
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना बिना अपनी जान की परवाह किए देश की सीमाओं की रक्षा करती है। सीमाओं पर हमेशा खतरे बने रहते हैं, और कई बार वहां होने वाली सैन्य गतिविधियां सार्वजनिक भी नहीं हो पातीं।उन्होंने कहा कि देश की सेना के शौर्य और समर्पण पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है। इस दौरान अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से सवाल करते हुए कहा कि सरकार बताए कि वर्ष 2014 से पहले और आज देश का क्षेत्रफल कितना है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि देश की सीमाएं वैसी ही सुरक्षित और अक्षुण्ण रहें जैसी आजादी के समय थीं।
सेना के साहस-वीरता की बदौलत जीता गया कारगिल युद्ध

पूर्व सीएम ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया और नेताजी मुलायम सिंह यादव हमेशा राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं के मुद्दे को गंभीरता से उठाते रहे। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध भारत की सेना के अदम्य साहस और वीरता की बदौलत जीता गया था। सेना ने कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा कर इतिहास रचा और पूरा देश उनके योगदान का ऋणी है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध पिछले चार वर्षों से जारी है और ईरान-अमेरिका के बीच तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है।
युद्ध, और खाद संकट से बच सकते थे
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कूटनीतिक स्तर पर प्रयास किए जाते तो युद्ध और खाद संकट जैसी परिस्थितियों से बचा जा सकता था। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने “जय हिंद” के उद्घोष के साथ देश की सेना और पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे, कर्नल जितेंद्र सिंह, सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शरद सरन समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद थे।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
