बिहार में 80 लाख वोटर डिलीट… UP में SIR के दौरान 9 से ज्यादा BLO की मौत, सपा ने कहा बैलट पेपर से ही हों चुनाव!
नई दिल्ली/ लखनऊ : लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बहस के दौरान समाजवादी पार्टी की मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने चुनाव आयोग (EC) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि “चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है और पूरी तरह पक्षपाती रूप में नजर आ रहा है।उन्होंने कहा कि EC जैसी संवैधानिक संस्था का राजनीतिक प्रभाव में आना लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
यूपी उपचुनाव में धांधली-पुलिस खुद वोट डालती दिखी!
सांसद डिंपल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में बड़े पैमाने पर वोटिंग में धांधली,बूथों पर सत्ता पक्ष की मनमानी,और सादे कपड़ों में पुलिस कर्मियों को वोट डालते हुए खुलेआम देखा गया। उन्होंने बताया। “सपा ने कई बार शिकायत की, CCTV फुटेज मांगा, पर चुनाव आयोग ने न कोई कार्रवाई की, न फुटेज दी।”बल्कि उल्टा EC ने नया नियम बना दिया कि चुनाव की CCTV फुटेज 45 दिन बाद हटा दी जाएगी। इसको सपा ने चुनाव प्रक्रिया पर काला धब्बा बताया।
बिहार में SIR घोटाला-‘80 लाख वोटर कौन थे? आज तक पता नहीं’
MP डिंपल यादव ने संसद में खुलासा किया कि बिहार में हुए SIR (Special Intensive Revision) में 80 लाख वोटर डिलीट कर दिए गए,लेकिन EC आज तक यह सूची जारी नहीं कर सका। इन 80 लाख लोगों का नाम क्यों और किस आधार पर हटाया गया?। उन्होंने कहा कि SIR का इस्तेमाल मतदाता हटाने की प्रक्रिया के तौर पर किया जा रहा है।
यूपी में भी SIR पर घेरा-“बिना प्रशिक्षण BLO… और 10 से ज्यादा मौतें”
UP में चल रहे SIR पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि BLO को कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया, लगातार बोझ बढ़ता गया,और काम के दबाव में 10 से ज्यादा BLO की मौत हो चुकी है। सपा ने इसे प्रशासनिक विफलता और मानवीय त्रासदी बताया है। सांसद ने कहा कि “EC एनुअल समरी रिवीजन कराता है, नागरिकता का प्रमाण मांगना उसके अधिकार में नहीं है। SIR को CAA की तरह लागू किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि यह नागरिकता, संवैधानिक अधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधा हमला है।
सपा की दो बड़ी मांगें-“CJI को शामिल करो, चुनाव बैलट पेपर से कराओ”
लोकसभा में डिंपल यादव ने दो प्रमुख मांगें रखीं। इसमें चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को शामिल किया जाए। सभी चुनाव EVM की जगह बैलट पेपर से कराए जाएं। उन्होंने कहा कि“EVM पर विश्वास लगातार कम हो रहा है, जबकि बैलट पेपर लोकतंत्र की सच्ची पारदर्शिता दिखाते हैं।”
