20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में आयकर, एमएसएमई, सुप्रीम कोर्ट, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े अहम विधेयक होंगे पेश
नई दिल्ली: केंद्र सरकार सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पांच नए विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें आयकर सुधार, एमएसएमई क्षेत्र में बदलाव, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कानून में संशोधन और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। सरकार पहले जारी कुछ अध्यादेशों को कानून का रूप देने की भी तैयारी में है।
‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण देने का प्रस्ताव
मानसून सत्र के पहले दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी संरक्षण देने का प्रस्ताव है। विधेयक पारित होने पर ‘वंदे मातरम्’ के अपमान या उसके गायन में बाधा डालने पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
आयकर और एमएसएमई से जुड़े बड़े बदलाव
सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश करेगी। इसका उद्देश्य विदेशी निवेश को बढ़ावा देना, सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश आकर्षित करना और वित्तीय बाजार में तरलता बढ़ाना है। वहीं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 के जरिए एमएसएमई क्षेत्र में कारोबार सुगम बनाने, भुगतान विवादों के समाधान को मजबूत करने और राज्यों को अधिक अधिकार देने का प्रस्ताव है।
सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेगी न्यायाधीशों की संख्या
सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 के तहत मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे में मदद मिलेगी।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में भी संशोधन
सरकार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश करेगी। इसके तहत विलंबित जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़े नियमों को अधिक सख्त और व्यवस्थित बनाने का प्रस्ताव है।
दो लंबित विधेयकों पर भी होगी चर्चा
सरकार संसद में पहले से लंबित विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 पर भी चर्चा आगे बढ़ाएगी। इसके अलावा वर्ष 2022-23 के अनुपूरक अनुदानों की मांग पर भी संसद में चर्चा और मतदान कराया जाएगा।
20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा सत्र
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में पूरे सत्र के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
