बरेली : बरेली के चर्चित बवाल (उपद्रव) मामले में सोमवार से बड़ा कानूनी घटनाक्रम शुरू होने जा रहा है। करीब दस महीने पहले हुए इस मामले में अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल शुरू होगा। सुनवाई की शुरुआत शहर के बारादरी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे से होगी। इस पूरे प्रकरण का सबसे गंभीर मामला माना जा रहा है। इस मुकदमे में मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा को स्थानीय अदालत, इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक से जमानत नहीं मिल सकी है। ऐसे में सोमवार से शुरू हो रही सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
26 सितंबर के उपद्रव के बाद दर्ज हुए थे 10 मुकदमे
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्र हुई थी।आरोप है कि इस दौरान पुलिस पर पथराव, फायरिंग, पेट्रोल बम और एसिड बम से हमला किया गया। जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। घटना के बाद शहर के पांच थानों में कुल 10 मुकदमे दर्ज किए गए। प्रारंभिक एफआईआर में मौलाना तौकीर रजा सभी मामलों में नामजद नहीं थे, लेकिन विवेचना के दौरान उनका नाम सामने आने पर उन्हें भी आरोपी बनाया गया।
27 सितंबर से न्यायिक हिरासत में हैं तौकीर रजा
पुलिस ने 27 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर फतेहगढ़ जेल भेजा था। तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने घटना के एक सप्ताह के भीतर 101 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच पूरी होने के बाद सभी 10 मुकदमों में कुल 119 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
चार मामलों में अब भी नहीं मिली राहत
तौकीर रजा के खिलाफ दर्ज 10 मामलों में से चार में उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है। इनमें सबसे अहम बारादरी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास का मुकदमा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके अलावा कोतवाली थाने में दर्ज तीन अन्य मामलों में भी उन्हें राहत नहीं मिली है। दो मामलों में हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है, जबकि एक मामले में अभी निचली अदालत में जमानत याचिका दाखिल नहीं की गई है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में तेजी से चलेगा ट्रायल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना समयबद्ध तरीके से पूरी कर चार्जशीट दाखिल की गई है। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई शुरू होने से मामले के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद है। सोमवार को बारादरी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे की सुनवाई के साथ ट्रायल की औपचारिक शुरुआत होगी। अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने तर्क प्रस्तुत करेंगे।
