नई दिल्ली/लखनऊ : राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन के उपसभापति हरिवंश को पत्र लिखकर संसद की गरिमा पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि CISF जवानों को जानबूझकर राज्यसभा के वेल में भेजा गया, जबकि विपक्षी सांसद अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे।।खरगे ने लिखा “हम हैरान और स्तब्ध हैं कि किस तरह CISF को वेल में लाया गया। हमने यह कल भी देखा और आज भी। हमारी संसद को इस स्तर तक गिरा दिया गया है। यह बेहद आपत्तिजनक है और हम इसकी स्पष्ट निंदा करते हैं।”
सांसद जनहित के मुद्दों को उठा रहे हैं
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि “हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में ऐसा दोबारा नहीं होगा, खासकर तब जब सांसद जनहित के मुद्दों को उठा रहे हों।” संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी बीच राज्यसभा में सुरक्षा बलों की उपस्थिति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।विपक्ष ने इसे संसदीय परंपराओं का उल्लंघन और लोकतंत्र के विरोध का दमन बताया है।
