एसआईआर के बाद 2,06,88,487 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं, 30 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका; 4 नवंबर को जारी होगी अंतिम सूची
महाराष्ट्र: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया के बाद महाराष्ट्र में तैयार की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर सियासत तेज हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, 2,06,88,487 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। यह संख्या पिछले मतदाता आधार का करीब 21.14 प्रतिशत है। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए हैं।
ड्राफ्ट सूची में अब 7.71 करोड़ से ज्यादा मतदाता
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, एसआईआर के बाद महाराष्ट्र की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 7.71 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल हैं। इनमें करीब 3.95 करोड़ पुरुष, 3.75 करोड़ महिलाएं और 3,087 अन्य लिंग के मतदाता शामिल हैं। एसआईआर शुरू होने से पहले महाराष्ट्र में करीब 9.78 करोड़ मतदाता दर्ज थे। अधिकारियों के अनुसार, अब पिछले मतदाता आधार के 78.86 प्रतिशत नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल हो पाए हैं।
2,06,88,487 मतदाताओं के फॉर्म नहीं हो पाए जमा
अधिकारियों ने बताया कि 2,06,88,487 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। इन मतदाताओं से संबंधित गणना प्रपत्र जमा नहीं हो पाए थे। इस श्रेणी में ऐसे लोग शामिल हैं जो अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले, घर बदल चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनका नाम किसी अन्य स्थान पर दर्ज है। इसके अलावा दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता और ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने गणना प्रपत्र भरने या जमा करने से इनकार किया।
राहुल गांधी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर राहुल गांधी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी’ के जरिए बनी सरकार के लिए जनता महत्वपूर्ण नहीं है। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के साथ पश्चिम बंगाल और 2024 के चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में हुई वृद्धि पर सवाल उठाते हुए इसे ‘वोट चोरी’ बताया। उन्होंने मौजूदा स्थिति पर सवाल करते हुए पूछा कि लोकसभा चुनाव 2024, विधानसभा चुनाव 2024 और एसआईआर 2026 के दौरान अलग-अलग मतदाता आंकड़ों में से कौन सी सूची सही थी।
महाराष्ट्र में हर पांचवां मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर
राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र की ड्राफ्ट मतदाता सूची से 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम बाहर हैं। उन्होंने इसे राज्य के करीब हर पांचवें मतदाता के सूची से बाहर होने के रूप में पेश किया। हालांकि, चुनाव अधिकारियों का कहना है कि ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए मतदाताओं में मृतक, स्थान बदल चुके, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता भी शामिल हैं। पात्र मतदाताओं के लिए दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
पुणे में सबसे ज्यादा फॉर्म नहीं हो पाए जमा
अधिकारियों के मुताबिक, पुणे में सबसे ज्यादा करीब 28.6 लाख गणना प्रपत्र जमा नहीं हो पाए। इसके बाद ठाणे में करीब 28.5 लाख, मुंबई उपनगर में 26.5 लाख, नागपुर में 14.43 लाख, नासिक में 10.27 लाख और मुंबई शहर में करीब 9.5 लाख प्रपत्र जमा नहीं हो सके।
30 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका
जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं हैं, उन्हें 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। पात्र मतदाता जरूरी घोषणा के साथ प्रपत्र-6 जमा कर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का दावा कर सकते हैं। वहीं, प्रपत्र-7 के जरिए किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। नाम, पता, उम्र या लिंग जैसी जानकारी में सुधार के लिए प्रपत्र-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
4 नवंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
एसआईआर प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी। महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी की जाएगी। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के बाद कितने मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में शामिल किए जाते हैं।
