नक्शों की स्वीकृति की दिक्कतों का समाधान, आपत्तियों और स्क्रूटिनी के कई चक्र कम करने की तैयारी, 3 सितंबर से शुरू होंगे संवाद
बरेली : भवन मानचित्र स्वीकृति और निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने नई पहल शुरू की है। बीडीए की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े स्टेकहोल्डर्स के साथ ‘विकास संवाद’ आयोजित किए जाएंगे।इन बैठकों में आर्किटेक्ट, इंजीनियर, लाइसेंस प्राप्त तकनीकी प्रोफेशनल, बिल्डर -डेवलपर, उद्योग प्रतिनिधि, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और होटल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद किया जाएगा। बीडीए का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि संबंधित पक्षों के साथ चर्चा कर मानचित्र स्वीकृति और भवन निर्माण से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान तलाशना है।
3 सितंबर से ‘विकास संवाद’

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहला संवाद 3 सितंबर 2026 को आर्किटेक्ट, इंजीनियर और लाइसेंस प्राप्त तकनीकी प्रोफेशनल्स के साथ होगा। इसके बाद अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के लिए बैठकें आयोजित की जाएंगे।इसमें 3 सितंबर को आर्किटेक्ट इंजीनियर/लाइसेंस प्राप्त, तकनीकी प्रोफेशनल, 10 सितंबर को बिल्डर/डेवलपर, 17 सितंबर को औद्योगिक संघ/उद्योग प्रतिनिधि, 24 सितंबर को मेडिकल एसोसिएशन/अस्पताल प्रतिनिधि, 1 अक्टूबर को विद्यालय/शैक्षणिक संस्थान
8 अक्टूबर को होटल एसोसिएशन/होटल उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बार-बार लगने वाली आपत्तियों को कम करने पर जोर
विकास संवाद में भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को लेकर आने वाली व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं पर विशेष चर्चा होगी। बीडीए का जोर इस बात पर रहेगा कि स्क्रूटिनी के दौरान लगाई गई आपत्तियों का आवेदक द्वारा पूर्ण और बिंदुवार अनुपालन किया जाए, ताकि मानचित्र बार-बार आपत्तियों के साथ वापस न आए। इससे स्क्रूटिनी के कई चक्र कम करने और अनावश्यक देरी घटाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
ऑनलाइन पोर्टल की दिक्कतों पर भी लिया जाएगा फीडबैक
संवाद के दौरान ऑनलाइन भवन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली और पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं पर भी स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक लिया जाएगा। इसके आधार पर आवश्यक सुधार के लिए कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा नियमों और प्रक्रियाओं को अधिक स्पष्ट बनाने, आवेदकों को सही जानकारी उपलब्ध कराने और मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी सुझाव लिए जाएंगे।
निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने पर भी फोकस
BDA के अनुसार ‘विकास संवाद’ का उद्देश्य सिर्फ मानचित्र संबंधी समस्याओं तक सीमित नहीं रहेगा। बरेली के सुनियोजित और समग्र विकास, निवेश को बढ़ावा देने, स्थानीय रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा आवास, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और होटल क्षेत्र के संतुलित विकास पर भी चर्चा की जाएगी।
बिल्डर्स, डेवलपर्स, उद्यमियों और निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने तथा शहर की विकास योजनाओं में संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों के सुझाव शामिल करने पर भी जोर रहेगा।
उपाध्यक्ष ने कहा-समस्याओं का व्यावहारिक समाधान तलाशना उद्देश्य
बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के सुशासन,पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा के विजन के अनुरूप प्राधिकरण का प्रयास है कि आमजन और स्टेकहोल्डर्स को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिलें।उन्होंने कहा कि मानचित्र स्वीकृति में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए संबंधित लोगों से सीधे संवाद किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि समस्याओं को केवल कार्यालय स्तर पर देखने के बजाय उनसे जुड़े लोगों की बात सुनकर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।
‘सरल प्रक्रिया, स्पष्ट जानकारी और समयबद्ध सेवा’ पर जोर
BDA की इस पहल के जरिए प्राधिकरण और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के बीच लगातार संवाद और बेहतर समन्वय स्थापित करने की कोशिश की जाएगी। प्राप्त सुझावों और फीडबैक का परीक्षण कर प्रक्रियागत सुधार किए जाएंगे प्राधिकरण का लक्ष्य है कि ‘सरल प्रक्रिया, स्पष्ट जानकारी, सकारात्मक संवाद और समयबद्ध सेवा’ के माध्यम से भवन मानचित्र स्वीकृति व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाया जाए और बरेली के सुनियोजित विकास को नई गति मिले।
