बरेली : यूपी के बरेली जनपद में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के अंतर्गत हत्या के एक मामले में पहली बार सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायालय, खंड संख्या 7, बरेली के न्यायधीश तबरेज अहमद ने आरोपी पिता रमेश को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है।
16 महीने पहले बेटी की गला दबकर की हत्या
1 जनवरी 2024 की रात थाना सीबीगंज क्षेत्र के एक गांव में एक जघन्य हत्या की वारदात हुई थी। इस मामले में एफआईआर संख्या 345/2024 दर्ज की गई थी। पुलिस जांच के बाद रमेश कुमार को आरोपी मानते हुए BNS की धारा 103(1) के तहत चालान न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी ने बेटी की हत्या अवैध प्रेम संबंधों को लेकर की थी।
आरोपी पर एक लाख रुपये जुर्माना
एडीजे तबरेज अहमद ने आरोपी को उम्रकैद की सजा के साथ एक लाख रूपये जुर्माना डाला है। अदालत ने अभियुक्त के कृत्य को पूर्वनियोजित, क्रूर और अमानवीय माना। सुप्रीम कोर्ट के “रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस” सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा गया कि यह मामला मृत्युदंड का नहीं, बल्कि उम्रकैद की सजा का उपयुक्त उदाहरण है। अभियुक्त के पुनर्वास की संभावना, सामाजिक पृष्ठभूमि और मानसिक अवस्था को ध्यान में रखते हुए आजन्म कारावास (life imprisonment till natural death) की सिफारिश की गई।
BNS के तहत बरेली में पहली दोषसिद्ध
यह फैसला भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) के तहत बरेली जिले की पहली हत्या में सजा का मामला है। यह उत्तर प्रदेश के कानूनी इतिहास में एक महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में दर्ज किया गया है। जिला अभियोजन अधिकारी रामेश्वरी देवी और सहायक अभियोजन अधिकारी अभियुक की ओर से नीरज कुमार सिंह की अगुवाई में मुकदमा प्रभावी रूप से लड़ा गया। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और वैज्ञानिक रिपोर्ट की मदद से अभियुक्त को दोषी सिद्ध किया गया।
