तिरुवनंतपुरम : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के तहत पलक्कड़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जहां राजनीतिक संदेश के साथ-साथ सांस्कृतिक जुड़ाव की झलक भी देखने को मिली। इस दौरान प्रधानमंत्री पारंपरिक केरल परिधान ‘मुंडू’ में नजर आए, जिसने स्थानीय लोगों के बीच खास आकर्षण पैदा किया। जनसभा स्थल पर पहुंचते ही उनका भव्य स्वागत किया गया और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प और यादगार पल तब सामने आया, जब प्रधानमंत्री ने केरल के प्रसिद्ध पारंपरिक वाद्य यंत्र ‘चेंडा’ पर हाथ आजमाया। उन्होंने पूरे उत्साह के साथ चेंडा बजाया, जिससे वहां मौजूद लोगों में जोश और भी बढ़ गया। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और खास बना दिया और स्थानीय परंपराओं के प्रति उनके जुड़ाव को भी दर्शाया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार उन्हें केरल में एक अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव के लिए तैयार है और यह बदलाव केवल राजनीतिक नहीं बल्कि विकास और विश्वास का प्रतीक होगा। उन्होंने दावा किया कि केरल में भाजपा और एनडीए की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और जनता का भरोसा अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पलक्कड़ की यह जनसभा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक बड़े जन आंदोलन का संकेत है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और किसानों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी वर्ग अब भाजपा और एनडीए के साथ खड़े हैं। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय केरल की जागरूक जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने केरल में राजनीतिक हिंसा का भी जिक्र किया और उन कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और यह राज्य के विकास में बाधा बनती है। साथ ही, उन्होंने केरल की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि पलक्कड़ पहुंचकर यह एहसास होता है कि इस राज्य को ‘सुंदरतम’ क्यों कहा जाता है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को निशाने पर लेते हुए कहा कि केरल लंबे समय से स्वार्थी राजनीति के दो चेहरों के बीच फंसा हुआ है। उन्होंने इन दोनों गठबंधनों को ‘भ्रष्ट’ और ‘महाभ्रष्ट’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इनकी नीतियां केवल वोटबैंक की राजनीति तक सीमित हैं और इन्हें राज्य के विकास से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि दशकों तक इन दोनों दलों ने बारी-बारी से सत्ता संभाली और राज्य के संसाधनों का दुरुपयोग किया। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इन दलों के बीच एक तरह का समझौता रहा है, जिसमें एक दल कुछ साल सरकार चलाता है और फिर दूसरा दल सत्ता में आ जाता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस चक्र को तोड़ें और विकास की नई दिशा चुनें।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ये दोनों दल भाजपा से इसलिए घबराए हुए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो उनके पुराने घोटालों और काले कारनामों का पर्दाफाश हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य राज्यों में ये दल एक-दूसरे के साथ गठबंधन करते हैं, लेकिन केरल में एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर जनता को भ्रमित करते हैं।
जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘मोदी की गारंटी’ का भी जिक्र किया और कहा कि अगर केरल में भाजपा और एनडीए की सरकार बनती है, तो राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार की तरह राज्य में भी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान हुए घोटालों की जांच कराई जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत सरकार लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि युद्ध की स्थिति का भारत पर न्यूनतम असर पड़े, इसके लिए सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह लगातार संबंधित देशों के नेताओं के संपर्क में हैं, ताकि वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति की जा रही है, जो देशहित में नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में रहने वाले करोड़ों भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार इसके लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
कुल मिलाकर, पलक्कड़ की यह जनसभा केवल चुनावी प्रचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सांस्कृतिक जुड़ाव, राजनीतिक संदेश और विकास के वादों का मिश्रण देखने को मिला। प्रधानमंत्री के इस दौरे ने केरल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और आने वाले चुनाव को लेकर माहौल और भी गर्म हो गया है।
