कर्नाटक : मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें राज्यसभा सीट की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इसे विनम्रता के साथ ठुकरा दिया क्योंकि उनकी राष्ट्रीय राजनीति में कोई रुचि नहीं है। सिद्धारमैया ने साफ कहा कि वह राज्य की राजनीति में ही सक्रिय रहेंगे और जनता के बीच काम करते रहेंगे।
“संविधान विरोधी ताकतों के खिलाफ लड़ाई जारी रखूंगा”
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि विधायक के रूप में उनका कार्यकाल अभी दो साल बाकी है और वह जनता की आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा, “जो लोग संविधान के खिलाफ काम करेंगे, मैं उनके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।” उनके इस बयान को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
“मेरा राजनीतिक जीवन एक खुली किताब”
सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने कभी राजनीति में धन या संपत्ति के पीछे भागने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा,
“मैंने कभी पैसे के पीछे नहीं भागा और न ही संपत्ति बनाने की लालसा रखी। मेरा राजनीतिक जीवन एक खुली किताब की तरह है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगले मुख्यमंत्री का फैसला कांग्रेस विधायक दल और पार्टी हाईकमान मिलकर करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफे का ऐलान
सिद्धारमैया ने कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार, राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर और अन्य विधायकों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस नेताओं ने शक्ति प्रदर्शन भी किया। इस दौरान सिद्धारमैया ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ कई झूठी कहानियां फैलाई गईं।
कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल
सिद्धारमैया के इस्तीफे और उनके बयानों के बाद कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान के अगले फैसले और नए मुख्यमंत्री के नाम पर टिकी हुई है।
