दिल्ली-NCR से नैनीताल, अल्मोड़ा और रानीखेत पहुंचना होगा आसान, 100 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का सर्वे शुरू
बरेली : उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क तेजी से विस्तार ले रहा है।इसी कड़ी में अब बरेली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI की मंजूरी मिल गई है। करीब 100 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का सर्वे शुरू हो चुका है। यह आधुनिक फोर लेन एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के बरेली को उत्तराखंड के हल्द्वानी से जोड़ेगा और दिल्ली-NCR समेत यूपी के कई शहरों से कुमाऊं के पहाड़ी इलाकों तक सफर को आसान और तेज बना देगा।
बरेली से हल्द्वानी का सफर होगा आसान
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बरेली से शुरू होकर बहेड़ी,फरीदपुर,आंवला, किच्छा,लालकुआं होते हुए हल्द्वानी तक पहुंचेगा। यह कॉरिडोर सीधे एनएच-30 और एनएच-24 से जुड़ा रहेगा। वर्तमान में बरेली से हल्द्वानी पहुंचने में काफी समय लगता है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यात्रा का समय करीब तीन घंटे तक कम हो सकता है।अनुमान है कि बरेली से हल्द्वानी चार घंटे से भी कम समय में पहुंचा जा सकेगा। वहीं लखनऊ से हल्द्वानी और नैनीताल तक की यात्रा भी काफी आसान हो जाएगी।
नैनीताल और कुमाऊं के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह एक्सप्रेसवे नैनीताल, भीमताल, रानीखेत, अल्मोड़ा और कुमाऊं के अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए एक बड़ा कनेक्टिविटी कॉरिडोर साबित होगा। अभी छुट्टियों और पर्यटन सीजन में दिल्ली-NCR और यूपी से उत्तराखंड जाने वाले लोगों को मुरादाबाद-रुद्रपुर मार्ग पर लंबे जाम का सामना करना पड़ता है।नई सड़क बनने के बाद यातायात का दबाव कम होगा और पर्यटक कम समय में पहाड़ों तक पहुंच सकेंगे। इससे उत्तराखंड के पर्यटन कारोबार को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
व्यापार और उद्योग को भी होगा लाभ
एक्सप्रेसवे बनने से माल परिवहन भी तेज और आसान होगा।उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाले फल, सब्जियां और फूल कम समय में यूपी और दिल्ली-NCR के बाजारों तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा पंतनगर और लालकुआं की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को भी सीधा फायदा मिलेगा। औद्योगिक उत्पादों की ढुलाई तेज होगी, जिससे व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। एक्सप्रेसवे को भविष्य में शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से भी जोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है।
फोर लेन से सिक्स लेन तक बढ़ाई जा सकेगी सड़क
फिलहाल बरेली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे को फोर लेन कंट्रोल्ड एक्सेस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। हालांकि भविष्य में जरूरत के हिसाब से इसे सिक्स लेन में बदला जा सकेगा। कंट्रोल्ड एक्सेस होने की वजह से इस सड़क पर स्थानीय ट्रैफिक का हस्तक्षेप कम रहेगा और वाहन तेज गति से चल सकेंगे।इससे सड़क हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है।
टोल पास और फास्ट ट्रैवल की सुविधा संभव
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस एक्सप्रेसवे पर सालाना फास्टैग टोल पास जैसी सुविधा भी लागू की जा सकती है। इससे नियमित यात्रा करने वाले वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी और टोल प्लाजा पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
