मेरठ : सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव से अपहृत युवती का दूसरे दिन शुक्रवार को भी कोई सुराग नहीं लग सका। वहीं, मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने में भी पुलिस नाकाम रही। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और हालात को देखते हुए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
कपसाड़ गांव में दिनभर अपहृत युवती की मां सुनीता का शव घर में ही रखा रहा। परिवार और ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी और युवती की सकुशल बरामदगी की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान सपा, बसपा, भीम आर्मी, असपा सहित कई राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता गांव पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे। स्थिति को संभालने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन परिवार मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुआ।
करीब 19 घंटे की लंबी जद्दोजहद के बाद पूर्व विधायक संगीत सोम, एसपी देहात अभिजीत कुमार और एडीएम सिटी की मौजूदगी में पुलिस प्रशासन ने परिजनों को लिखित आश्वासन दिया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि 48 घंटे के भीतर अपहृत युवती रुबी को तलाश लिया जाएगा। इसके साथ ही पीड़ित परिवार के एक सदस्य को स्थानीय चीनी मिल में स्थायी रोजगार देने, 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपने, एक सदस्य को शस्त्र लाइसेंस दिलाने और गांव में स्थायी पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया।
प्रशासनिक भरोसे के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। रात करीब पौने आठ बजे सुनीता का अंतिम संस्कार किया गया। बेटे नरसी ने मां को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान भी गांव में भारी पुलिस बल मौजूद रहा। फिलहाल पुलिस का दावा है कि युवती की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं और मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी। वहीं गांव में तनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
