पटना : भोजपुरी स्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को ज्योति सिंह ने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से मुलाकात की। जनसुराज कार्यालय में बंद कमरे में दोनों के बीच करीब 20 मिनट की बातचीत हुई। मुलाकात के बाद ज्योति सिंह ने कहा कि वह यहां किसी चुनावी टिकट या पद की उम्मीद लेकर नहीं आई हैं, बल्कि अपने साथ हुए अन्याय की आवाज उठाने और उन तमाम महिलाओं के लिए न्याय मांगने आई हैं जिनके साथ ऐसा अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, बल्कि महिलाओं की आवाज उठाने की पहल है।
प्रशांत किशोर ने मुलाकात के बाद कहा कि ज्योति सिंह बिहार की एक महिला के रूप में उनसे मिलने आई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति ने चुनाव लड़ने की कोई बात नहीं की है। उन्होंने जो भी बातें रखीं, वे अपने साथ हुए अन्याय और सुरक्षा से जुड़ी थीं। प्रशांत किशोर ने कहा कि जनसुराज किसी के पारिवारिक विवाद में दखल नहीं देता, लेकिन अगर किसी महिला को सुरक्षा की जरूरत है तो जनसुराज उसके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पवन सिंह उनके मित्र हैं और यह मामला पूरी तरह पारिवारिक है, इसलिए इसमें कोई राजनीतिक टिप्पणी उचित नहीं होगी।
मुलाकात से पहले प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया था कि आरा से पहले ही जनसुराज ने अपने उम्मीदवार डॉ. विजय गुप्ता की घोषणा कर दी है और उसमें बदलाव की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले भी ज्योति सिंह उनसे मिली थीं, तब भी यही बात कही गई थी कि यह पारिवारिक मामला है और जनसुराज ऐसे मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता।
इससे पहले ज्योति सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह से मदद की गुहार लगाई थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से भावुक अपील करते हुए कहा था कि उनके साथ जो हुआ है, वह किसी और महिला के साथ न हो। बृजभूषण शरण सिंह ने जवाब में कहा कि मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए निर्णय न्यायालय ही करेगा।
करवा चौथ के मौके पर ज्योति सिंह ने अपने फेसबुक पर पवन सिंह के नाम के साथ बधाई संदेश साझा किया। कुछ दिन पहले वह पवन सिंह के लखनऊ स्थित घर भी पहुंची थीं, जहां दोनों के बीच लंबी बातचीत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
ज्योति ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पवन सिंह ने उन्हें प्रचार के लिए इस्तेमाल किया और दूसरी महिला के साथ संबंध बनाए रखे। उन्होंने कहा कि जब वह अपने पति के घर लौटीं तो उन्हें प्रताड़ित किया गया और डिटेन किया गया। वहीं, पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा ज्योति का सम्मान किया और पुलिस की मौजूदगी केवल सुरक्षा कारणों से थी। उन्होंने यह भी लिखा कि ज्योति बार-बार चुनाव लड़ने की मांग कर रही थीं, जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था।
