लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आगामी त्योहारों और लोक सेवा आयोग परीक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर कानून व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, कानपुर समेत सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारी और डीएम, एसपी मौजूद थे। सीएम ने कुछ पुलिस कमिश्नरों को जमकर फटकार लगाई, वहीं कुछ की तारीफ भी की।
बरेली पुलिस की तारीफ
सीएम योगी ने बरेली एसएसपी अनुराग आर्य की जमकर तारीफ की। जुमे की नमाज के बाद तौकीर रजा और उनके समर्थकों द्वारा इस्लामिया ग्राउंड से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करने की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर तौकीर रजा और 84 लोगों को हिरासत में लिया। पूरे मामले में 11 मुकदमे दर्ज किए गए। योगी ने कहा कि बलवाइयों पर इस तरह की कार्रवाई हर जिले में होनी चाहिए।
कानपुर पुलिस की तारीफ
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल को भी योगी ने सराहा। 8 अक्टूबर को कानपुर में स्कूटी में नहीं बल्कि पटाखों में विस्फोट हुआ था। पुलिस ने तुरंत सर्च ऑपरेशन कर 12 लोगों को गिरफ्तार किया और अफवाहों को फैलने से रोकने का काम किया। योगी ने कहा कि समय पर अलर्ट रहना प्रशंसनीय कदम था।
प्रयागराज पुलिस पर नाराजगी
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार को सीएम ने फटकार लगाई। जिले में घूरपुर में नाबालिग के धर्मांतरण और गैंगरेप की घटना की कार्रवाई में देरी और हीलाहवाली पर योगी नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में ढील और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों की रोक में कमज़ोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वाराणसी पुलिस की फटकार
वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल को छितौना कांड में पुलिसिया लापरवाही और वकीलों के साथ विवाद पर फटकार लगाई गई। योगी ने पूछा कि एसआईटी गठन के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई और कहा कि इस मामले में नकेल कसना जरूरी है।
सुरक्षा और शांति बनाए रखने पर जोर
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्व-त्योहार के दौरान शांति, सुरक्षा और सुशासन बनाए रखें। आने वाले त्योहारों में जैसे धनतेरस, दीपोत्सव, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ महापर्व में किसी भी प्रकार के उपद्रव या अराजकता की अनुमति नहीं दी जाएगी। सोशल मीडिया पर चौकसी बढ़ाकर अफवाह और फेक न्यूज़ फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लोक सेवा आयोग परीक्षा के लिए सतर्कता
12 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा आयोजित होने वाली है, जिसमें 6 लाख से अधिक परीक्षार्थी भाग ले रहे हैं। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और युवाओं के भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त न किया जाए।
सीएम योगी ने बैठक में स्पष्ट किया कि किसी भी घटना को तूल देने से रोकने और तत्काल कार्रवाई करने में समय की कोई विलंबता नहीं होनी चाहिए, और संवेदनशील मामलों में वरिष्ठ अधिकारी खुद लीड करें।
