लखनऊ : यूपी की राजधानी लखनऊ में एक अनोखे डबल फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ हुआ है, जो पहले निवेश का लालच देकर ठगी करता था और फिर खुद को फर्जी SOG अधिकारी बताकर पीड़ित से वही पैसे ‘जब्त’ कर लेता था। इस दोहरे फ्रॉड के मॉडल का खुलासा गोमतीनगर पुलिस और पूर्वी जोन क्राइम टीम की संयुक्त कार्रवाई में हुआ।
ऐसे चलता था फ्रॉड का खेल?
गिरोह का पहला चरण था निवेश स्कीम। इसके बाद लोगों को झांसे में लिया जाता था कि कुछ रकम निवेश करने पर उन्हें डबल रिटर्न मिलेगा। जब पीड़ित रिटर्न लेने आता, तो गिरोह का दूसरा हिस्सा फर्जी SOG बनकर दबिश देता। वह पीड़ित को पकड़ने और रकम ‘जब्त’ करने का नाटक करते थे। इस तरह न केवल ठगी हुई रकम वापस मिल जाती थी, बल्कि पीड़ित डर के मारे पुलिस में शिकायत करने से भी कतराता था।
नकली नोट से रिटर्न का जादू:
गिरोह ने नकली नोटों से भी लोगों को ठगने का तरीका ईजाद कर रखा था। पूरी गड्डी में सिर्फ पहला नोट असली होता था, बाक़ी सब ‘चिल्ड्रन बैंक’ यानी खिलौने वाले नोट होते थे। दूर से देखने पर रकम असली लगती थी। इसी से लोग फंस जाते थे।
शिकायत के बाद गिरफ्तारी
यह पूरा मामला तब खुला जब आइसक्रीम विक्रेता राजकुमार ने गोमतीनगर थाने में शिकायत की। पुलिस ने विशाल, राम बहादुर, राम प्रसाद और अंजनी कुमार को गिरफ्तार किया। इनके पास से 30 गड्डियां नकली नोट (500-500 के), 8 गड्डियां मिक्स असली-नकली, 30,000 असली नकद, एक देसी तमंचा, जिंदा कारतूस और फर्जी SOG पहचान पत्र बरामद हुआ है। पुलिस ने अंजनी कुमार को इस गैंग का मास्टरमाइंड बताया है, जो पहले भी अयोध्या से जेल जा चुका है। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने मीडिया को बताया कि यह गिरोह संभवतः अन्य शहरों में भी सक्रिय रहा है। जनता से अपील की गई है कि ‘डबल पैसा’, ‘जल्दी रिटर्न’ या निवेश के नाम पर ठगाने से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें।
