बरेली : जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में आई.जी.आर.एस (इंटीग्रेटेड ग्रिवेंस रीड्रेसल सिस्टम) के अंतर्गत लंबित जनशिकायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर जनसमस्याओं के त्वरित एवं संतोषजनक समाधान के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालयों में जनसुनवाई सुनिश्चित करें और प्राप्त शिकायतों का यथाशीघ्र समाधान करें। उन्होंने कहा, “जनता की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो उससे दूरभाष पर बातचीत कर स्थिति स्पष्ट की जाए।”
डिफाल्टर मामलों पर जताई नाराजगी

बैठक के दौरान समीक्षा में यह पाया गया कि ई.ओ. रिछा के 11 संदर्भ जल्द ही डिफाल्टर होने की स्थिति में हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी संदर्भ डिफाल्टर न हो, इसके लिए शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट 2 से 3 दिन पहले ही तैयार कर ली जाए।
मुख्यमंत्री जनता दर्शन की स्थिति चिंता का विषय
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि यदि कोई शिकायतकर्ता मुख्यमंत्री जनता दर्शन में बार-बार शिकायत लेकर जा रहा है, तो यह जिले के अधिकारियों के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “अधिकारियों को अपने कार्यों में पारदर्शिता और त्वरितता लानी होगी। हर शिकायतकर्ता को समय पर संतोषजनक समाधान मिलना चाहिए।”
धारा 30 और CM डैशबोर्ड की रैंकिंग पर विशेष ध्यान
जिलाधिकारी ने धारा 30 के अंतर्गत लंबित मामलों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। वहीं, सीएम डैशबोर्ड पर कुछ विभागों की कमजोर रैंकिंग (C, D, E ग्रेड) पर नाराजगी जताते हुए सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह ने भी कहा कि संबंधित विभागों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाकर रैंकिंग सुधारनी होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसमें मुख्य विकास अधिकारी जग प्रवेश, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विश्राम सिंह, अपर नगर आयुक्त सुनील कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव, बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक अजीत सिंह, उपायुक्त उद्योग विकास यादव के साथ ही सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं विभागीय अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
