नई दिल्ली: 79वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2025) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12वीं बार लाल किले की प्राचीर से ध्वजारोहण कर देश को संबोधित किया। अपने 103 मिनट लंबे भाषण में पीएम मोदी ने पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का जिक्र कर उसके 100 साल के योगदान को रेखांकित किया।
100 साल पहले रखी गई नींव
पीएम मोदी ने कहा, “आज से 100 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जन्म हुआ। संघ के लोग व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ मां भारती के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित कर रहे हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा NGO है।” उन्होंने आरएसएस की सेवा,समर्पण, संगठन और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि संघ की भव्य और समर्पित यात्रा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।
पीएम का भाषण: विकास, सुरक्षा और बलिदान को सलाम
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू -कश्मीर में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनाएं जताईं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देश की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने वाले सैनिकों को सलाम किया। पीएम ने कहा कि 2030 तक के लक्ष्य को भारत ने 5 साल पहले ही हासिल कर लिया है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, तकनीकी प्रगति और विकसित भारत मिशन पर भी जोर दिया।
