नई दिल्ली : वर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले की जांच के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की कुल ₹61.20 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर दी है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई।
ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में ₹59.96 करोड़ मूल्य के 364 आवासीय भूखंड और कृषि भूमि तथा ₹1.24 करोड़ मूल्य की बैंक बैलेंस और सावधि जमा शामिल हैं। जांच से पता चला कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर थे और सिंडिकेट की ओर से अर्जित अवैध धन का हिसाब और निर्णय उनके निर्देशों के तहत लिया जाता था।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से प्राप्त अपराध की आय (POC) का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट कंपनी मेसेर्स बघेल डेवलपर्स और परियोजना विट्ठल ग्रीन के विकास में किया। चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
इससे पहले, इस मामले में अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी और कवासी लखमा को भी ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने बताया कि यह कुर्की पहले से की गई लगभग ₹215 करोड़ की अचल संपत्तियों का हिस्सा है। जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।
