बदायूं : उत्तर प्रदेश में शनिवार की शाम और रविवार की सुबह दो ऐसी दर्दनाक घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। एक ओर कानपुर में पिता द्वारा जुड़वा बेटियों की हत्या का मामला सामने आया, तो दूसरी ओर बदायूं में एक पिता ने अपने ही पांच महीने के मासूम बेटे की जान ले ली। दोनों घटनाओं की जड़ में पारिवारिक विवाद और गुस्सा बताया जा रहा है, जिसने मासूम बच्चों को अपना शिकार बना लिया।
ताजा मामला बदायूं जनपद के बिसौली कोतवाली क्षेत्र के मलखानपुर गांव का है, जहां एक शादी समारोह के दौरान दर्दनाक घटना घट गई। बताया जा रहा है कि प्रमोद के बेटे सौरभ की 19 अप्रैल को बारात जानी थी। इसी शादी में शामिल होने के लिए सौरभ की बहन कुमकुम अपने पति बॉबी और दो बच्चों के साथ मायके आई हुई थी। परिवार में शादी की खुशियां चल रही थीं, लेकिन अचानक हुए विवाद ने माहौल को मातम में बदल दिया।
परिजनों के अनुसार, 17 अप्रैल को लग्न कार्यक्रम के दौरान कुमकुम के परिवार और उसके ससुराल पक्ष के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान मारपीट की स्थिति भी बन गई थी, जिसमें कुमकुम की एक रिश्तेदार महिला बेहोश हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसी घटना के बाद कुमकुम को उसके मायके में ही रोक लिया गया, जबकि उसका पति बॉबी और उसका भाई वहां से चले गए थे।
लेकिन 18 अप्रैल की शाम को बॉबी दोबारा मलखानपुर गांव पहुंचा। यहां उसने अपनी पत्नी कुमकुम से विवाद शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान कुमकुम घर की महिलाओं के बीच चली गई, जबकि उसका पांच महीने का मासूम बेटा राघव उसकी मां सुनीता की गोद में था। इसी बीच गुस्से में बेकाबू हुए बॉबी ने अचानक मासूम बच्चे को गोद से छीन लिया और उसे छत से नीचे सीसी रोड पर फेंक दिया। यह मंजर इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। मासूम राघव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। खुशियों का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। लोगों ने तुरंत आरोपी बॉबी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद और आपसी झगड़े से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरेलू विवाद और गुस्सा किस तरह मासूम जिंदगियों को निगल रहा है। एक तरफ शादी की खुशियां थीं, तो दूसरी तरफ एक मां की गोद सूनी हो गई और एक मासूम की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई।
