नीलगिरी : लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को तमिलनाडु के नीलगिरी में छात्रों को संबोधित करते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और भविष्य की चुनौतियों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव से भारत का मजबूत माना जाने वाला सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर आने वाले समय में गंभीर दबाव में आ सकता है।
छात्रों से संवाद करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत ने आईटी सेक्टर और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में बेहतरीन काम किया है और इंफोसिस जैसी कंपनियां इसकी मिसाल हैं, लेकिन अब एआई के कारण यह इंडस्ट्री मुश्किल दौर में प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को चीन जैसी अर्थव्यवस्थाओं से मुकाबला करना है, तो केवल सर्विस सेक्टर पर निर्भर रहना काफी नहीं होगा।
राहुल गांधी ने कहा कि आज हम जिन चीजों का रोज़मर्रा में इस्तेमाल करते हैं—चाहे वह माइक्रोफोन हो, कैमरा हो या तकनीकी उपकरण—अधिकतर चीन में बने होते हैं। चीन ने विनिर्माण क्षेत्र पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है, जबकि भारत अभी पीछे है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि देश को अपनी सोच बदलनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी चीजें भारत में बनें।
शिक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा को महंगा नहीं होना चाहिए और इसका पूरी तरह निजीकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल और कॉलेज हो सकते हैं, लेकिन एक मजबूत और गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा प्रणाली भी उतनी ही जरूरी है। इसके लिए सरकार को शिक्षा बजट में पर्याप्त निवेश करना होगा, ताकि हर वर्ग के छात्र को समान अवसर मिल सके।
रोजगार के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि केवल आईटी या सर्विस सेक्टर में ही नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बिना रोजगार के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल सकता और देश की प्रगति संभव नहीं है।
सूचना के युग को लेकर चेतावनी देते हुए राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि आज जानकारी हर जगह उपलब्ध है, लेकिन अगर उसके साथ समझदारी नहीं होगी तो समाज गलत दिशा में चला जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल जानकारी होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे समझ, विवेक और ज्ञान में बदलना जरूरी है। स्कूलों और शिक्षण संस्थानों की भूमिका सिर्फ सूचना देना नहीं, बल्कि छात्रों को सोचने, समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता देना होनी चाहिए।
