लखनऊ : लखनऊ में शुक्रवार को हुई एक अहम उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई दिशा देने का स्पष्ट रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि “इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड” के विजन के साथ उत्तर प्रदेश को देश का ‘डीप टेक कैपिटल’ बनाने के लिए ठोस, परिणामोन्मुखी और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, साइबर सिक्योरिटी और मेड-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में तेजी से काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शोध और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर नवाचारों को व्यावहारिक रूप दिया जाए, जिससे रोजगार सृजन को भी नई गति मिल सके।
आईआईटी कानपुर की बड़ी भूमिका, मेड-टेक में हो रहे नए शोध
बैठक में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि मेड-टेक के क्षेत्र में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिक तकनीकी समाधान विकसित किए जा रहे हैं। यह संस्थान नवंबर में शुरू होने की संभावना है और इसका प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को प्रदेश के स्वास्थ्य और तकनीकी विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
ग्रीन हाइड्रोजन और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को प्रदेश के ऊर्जा भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने उत्पादन, भंडारण, परीक्षण, सुरक्षा मानकों और औद्योगिक उपयोग पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने क्वांटम टेक्नोलॉजी को भविष्य की परिवर्तनकारी तकनीक बताते हुए इसके लिए राज्य स्तर पर संसाधन बढ़ाने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
आयुर्वेद और ड्रोन टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर यूपी का लक्ष्य
बैठक में आयुर्वेद के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्लिनिकल वैलिडेशन केंद्र स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को वैज्ञानिक आधार मिलेगा और वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनेगी। वहीं ड्रोन टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को स्वदेशी ड्रोन निर्माण और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाया जाए, खासकर रक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए।
स्टार्टअप इकोसिस्टम और नोएडा डीप-टेक हब पर फोकस
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने के निर्देश दिए। आईआईटी कानपुर में विकसित स्टार्टअप्स को वैश्विक पहचान मिलने और पेटेंट सहायता से नवाचार को बढ़ावा दिए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई। इसके साथ ही नोएडा में प्रस्तावित ‘यूपी डीप-टेक हब’ को प्रदेश के तकनीकी विकास का केंद्रीय प्लेटफॉर्म बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और उद्योगों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएं।
तेजी से धरातल पर उतरें सभी परियोजनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित परियोजनाओं पर त्वरित निर्णय लेकर उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को तकनीकी नवाचार और डीप-टेक विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी संस्थानों और विभागों को मिलकर काम करना होगा।
