लखनऊ/गाजियाबाद : यूपी की गाजियाबाद में CBI ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर CGST विभाग के एक इंस्पेक्टर को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब आरोपी एक कारोबारी से GST रिटर्न में ITC (Input Tax Credit) गड़बड़ी के मामले में रिश्वत ले रहा था।
11 लाख रुपये की रिश्वत की थी मांग
जानकारी के अनुसार, आरोपी इंस्पेक्टर ने शिकायतकर्ता से GST में कथित अनियमितताओं को नज़रअंदाज़ करने के बदले कुल 11 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि 15 लाख रूपये की रिश्वत मांगी थी।शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी CBI को दी। इसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।
रंगेहाथ पकड़े जाने पर किया भागने का प्रयास
CBI की टीम ने जैसे ही इंस्पेक्टर को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा। उसने मौके से फरार होने की कोशिश की। भागते समय आरोपी ने अपनी कार से CBI की गाड़ी समेत कई अन्य वाहनों को टक्कर मारी। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
2 किलोमीटर पीछा कर दबोचा आरोपी
भागते हुए आरोपी ने तेजी से ड्राइविंग कर 2 किलोमीटर तक पीछा छुडाने की कोशिश की, लेकिन CBI की टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे आखिरकार गाजियाबाद के ही एक इलाके में घेरकर पकड़ लिया। बताया जाता है कि CBI अधिकारियों ने कहा कि “यह एक सुनियोजित जाल था जिसमें आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने के पूरे सबूत हमारे पास हैं। आरोपी अब हमारी हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है।”
CBI ने रिश्वत की रकम और दस्तावेज किए जब्त
CBI टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम के अलावा अन्य दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त की हैं, जिनकी जांच की जा रही है। साथ ही, आरोपी की कार को भी जब्त कर लिया गया है, जिससे उसने टक्कर मारने की कोशिश की थी।
CGST विभाग पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज
इस घटना के बाद CGST विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। व्यापारियों और करदाता संगठनों ने विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चिंता जताई है और इस पूरे मामले की सार्वजनिक जांच की मांग की है।
CBI की कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप
CBI की इस त्वरित और आक्रामक कार्रवाई ने सरकारी तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। यह घटना इस बात का प्रतीक है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब अधिक सख्ती और तत्परता से काम कर रही हैं।
